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श्रद्धा और सेवा का संगम: स्व. परमानन्द सिंह की द्वितीय पुण्यतिथि पर दिव्यांग साथियों के बीच श्रद्धांजलि सभा एवं प्रसाद वितरण

समाजसेवी रामजी सिंह ने पिता के आदर्शों को बताया प्रेरणा का स्रोत, सैकड़ों दिव्यांगजनों व गणमान्य लोगों ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
समाजसेवी रामजी सिंह के पूज्य पिताश्री स्वर्गीय परमानन्द सिंह की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को जिला दिव्यांग कार्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा सह प्रसाद वितरण कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। श्रद्धा, सम्मान और आत्मीयता से परिपूर्ण इस कार्यक्रम में जिले के सैकड़ों दिव्यांग साथी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक शामिल हुए और स्वर्गीय परमानन्द सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय परमानन्द सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी पुण्य स्मृति को नमन करने के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। इस अवसर पर समाजसेवी रामजी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उनके पूज्य पिताजी का संपूर्ण जीवन सेवा, ईमानदारी, करुणा और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक रहा। उन्होंने कहा कि पिता द्वारा दिए गए संस्कार, जीवन मूल्य और समाज के प्रति समर्पण की भावना आज भी उन्हें समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत उसके आदर्श और संस्कार होते हैं, जिन्हें आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

 

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने स्वर्गीय परमानन्द सिंह के सरल, सादगीपूर्ण और सेवाभावी व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में सदैव मानवता और सामाजिक सरोकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके जीवन से नई पीढ़ी को सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा मिलती रहेगी। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित दिव्यांग साथियों, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, सम्मान और आत्मीयता का वातावरण बना रहा। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके बताए आदर्शों पर चलने और समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

 

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