जनविरोधी नीतियों की पैरोकार है मोदी सरकार: कुणाल
भाकपा माले का 11वां जिला सम्मेलन संपन्न, 37 सदस्यीय कमिटी बनी, नवीन कुमार चुने गए सचिव


न्यूज विजन। बक्सर
बाइपास रोड स्थित एस एस पैलेस में भाकपा माले ( लिबरेशन ) के 11वें जिला सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत शहीद कॉमरेड चंद्रशेखर (चंदू) की शहादत दिवस पर उनके तैलीयचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। शहीद चंदू की चित्र पर पार्टी के बिहार राज्य सचिव कॉ कुणाल, पोलित ब्यूरो सदस्य अमरजी, पार्टी के वरिष्ठ नेता सह राज्य कमिटी सदस्य मनोहर, जिला सचिव नवीन, पूर्व विधायक डॉ अजीत कुमार सिंह, अलख नारायण चौधरी सहित सैकड़ों पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सम्मेलन के पहले दिन जिला कमिटी के सचिव नवीन कुमार ने कामकाज की रिपोर्ट प्रतिनिधियों के समक्ष पढ़ा। कामकाज की रिपोर्ट पर बहस में कुल 21 लोगों ने प्रतिनिधि सत्र में हिस्सा लिया था। दूसरे दिन 7 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दूसरे दिन सम्मेलन को पार्टी राज्य सचिव कुणाल, पॉलिट ब्यूरो सदस्य अमर, राज्य कमिटी के वरिष्ठ नेता मनोहर, पर्यवेक्षक राजू यादव ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि आज भाजपा सरकार द्वारा जनता के अधिकार एक एक कर छीना जा रहा है। जो भी पूर्व में गरीबों, किसानों मजदूरों, छात्र नौजवानों, कमजोर तबके के लोगों ने संघर्ष के बदौलत अपने पक्ष में कुछ नीतियां बनवाई हैं वो सभी जन पक्षधर नीतियों को मोदी सरकार बदल रही है या खत्म कर रही है। जन अधिकारों को खत्म कर मोदी सरकार सब कुछ देश के चुनिंदा पूंजीपतियों को देने पर आमादा है और दिया भी जा रहा है।ऐसे समय में जब जन अधिकारों को सता द्वारा खत्म किया जा रहा हो, भाकपा माले को और मजबूत करने और जन अधिकारों की रक्षा हेतु मजबूत जन आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है।
वक्ताओं ने कहा कि चार श्रम कोड लाकर मजदूरों के तमाम अधिकार खत्म किया जा रहा है। सरकारी नौकरियों को खत्म कर युवाओं के सपनों को रौदा जा रहा है। गरीबों के लिए बने मनरेगा कानून देश में बना आज मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीण मजदूरों के सामने संकट पैदा कर दिया गया है। पूरे देश में नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है। इसका मजबूत खिलाफत करते हुए जन एकता स्थापित कर इस जनविरोधी सरकार को सता से बाहर का रास्ता दिखाना होगा। बिहार सरकार इस बार भारी बहुमत से आते ही पूरे बिहार में गरीबों के घरों पर बुल्डोजर चलाना शुरू कर दिया। बिना नोटिस दिए कई जगह गरीबों दलितों के घरों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के ही निर्ममता से उजाड़ दिया गया। बिहार को भाजपाई बुल्डोजर राज की प्रयोगशाला बनाने के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा। सरकार को मजबूर करना होगा ताकि वो अपने इस जनविरोधी, गरीब विरोधी, दलित विरोधी फैसले से पीछे हटे। सम्मेलन को चलाने के लिए चार सदस्यीय टेक्निकल टीम गठित किया गया था, जिसमें बीर बहादुर पासवान, संध्या पाल, सर्वेश कुमार पाण्डेय, शिवजी राम शामिल थे और सम्मेलन को सफल पूर्वक चलाने में अहम भूमिका निभाए।
सम्मेलन ने 37 सदस्यीय जिला कमिटी का चुनाव किया जिसमें मनोहर, नवीन कुमार, अजीत कुशवाहा, अलख नारायण चौधरी, सुशीला, जगनारायण शर्मा, विसर्जन पासवान, धर्मेन्द्र सिंह यादव, ललन राम, कन्हैया पासवान, संजय शर्मा, वीरेन्द्र सिंह, सत्यनारायण, भदेसर साह, ललन प्रसाद, रेखा देवी, हरेंद्र राम, रामदेव सिंह, नारायण दास, वीर बहादुर पासवान, संध्या पाल, महफूज, अनूप शर्मा, धनजी पासवान, शैल देवी, वीरेंद्र यादव, शिवजी राम, आनंद राम, जितेन्द्र राम, राजदेव सिंह, गीता देवी, ओम प्रकाश, हरिद्वार राम, विनोद रजक, सुकर राम, कृष्णा राम, कुश भगवान शामिल रहे। जिला कमिटी ने पुनः नवीन कुमार को सर्वसम्मति से जिला सचिव चुना।





