क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा 2026: 6 सितंबर को ऑनलाइन होगी राष्ट्रीय परीक्षा, बक्सर में डॉ. रमेश कुमार ने चलाया जागरूकता अभियान
खेल ज्ञान और खिलाड़ियों के प्रति सम्मान बढ़ाने की पहल, 50 प्रश्नों के लिए मिलेंगे 20 मिनट; 12 से 25 वर्ष के प्रतिभागियों के लिए लाखों रुपये के आकर्षक पुरस्कार


न्यूज़ विज़न। बक्सर
राष्ट्रव्यापी खेल संगठन क्रीड़ा भारती की ओर से आयोजित क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा 2026 का आयोजन इस वर्ष 6 सितंबर 2026 को ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। लगातार छठे वर्ष आयोजित होने वाली इस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में खेलों के प्रति रुचि, खेल संबंधी ज्ञान तथा खिलाड़ियों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है।
क्रीड़ा भारती की स्थापना वर्ष 1992 में हुई थी। संगठन द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन परीक्षा में खेल एवं खिलाड़ियों से संबंधित कुल 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें प्रतिभागियों को महज 20 मिनट में हल करना होगा। परीक्षा की खास बात यह है कि इसमें शामिल होने के लिए कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। ऐसे में विद्यार्थी, युवा और खेलों में रुचि रखने वाले अन्य लोग भी इसमें भाग ले सकते हैं।
अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने का अभियान
क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा में अधिकाधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने और छात्र-छात्राओं को इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता से जोड़ने के उद्देश्य से क्रीड़ा भारती के कार्यकर्ताओं द्वारा देशभर में संपर्क एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्रीड़ा भारती दक्षिण बिहार के प्रांत मंत्री, समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. रमेश कुमार ने केंद्रीय विद्यालय, बक्सर की प्राचार्या डॉ. मीनाक्षी निर्मल से संपर्क कर परीक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यालय के अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को परीक्षा की जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनके पंजीकरण में सहयोग करने का आग्रह किया। डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें खेलों के प्रति जागरूक और प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित करने का भी माध्यम है।
खेल परंपरा और महान खिलाड़ियों से परिचित कराने की पहल
डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा महज एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध खेल परंपरा, महान खिलाड़ियों और विभिन्न खेल विधाओं के प्रति जागरूक करने का अभिनव प्रयास है। उन्होंने विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस परीक्षा में भाग लें और राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
12 से 25 वर्ष के प्रतिभागियों के लिए लाखों के पुरस्कार
क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा में 12 से 25 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए अखिल भारतीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को आकर्षक पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
प्रथम स्थान: ₹1,00,000 एवं प्रशस्ति-पत्र
द्वितीय स्थान: दो प्रतिभागियों को ₹50,000-₹50,000 एवं प्रशस्ति-पत्र
तृतीय स्थान: छह प्रतिभागियों को ₹25,000-₹25,000 एवं प्रशस्ति-पत्र
चतुर्थ स्थान: 11 प्रतिभागियों को ₹11,000-₹11,000 एवं प्रशस्ति-पत्र
पुरस्कार से बढ़कर खेल जागरूकता महत्वपूर्ण
डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि परीक्षा में दिए जाने वाले पुरस्कार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का माध्यम हैं, लेकिन इसका वास्तविक और व्यापक उद्देश्य युवाओं में खेल ज्ञान, जागरूकता और खेलों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। उन्होंने सभी विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से आह्वान किया कि वे अपने अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा 2026 से जोड़ें, ताकि बक्सर सहित पूरे बिहार के विद्यार्थी इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें और खेलों के प्रति जागरूकता का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंच सके।





