जमीन विवाद में सरपंच की हत्या, आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर किया सड़क जाम


न्यूज विज़न। बक्सर
जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के कुकुढ़ा पंचायत अंतर्गत चिलबिला गांव में गुरुवार को डेढ़ बीघा जमीन के पुराने विवाद ने खूनी रूप ले लिया। धान की रोपनी के दौरान शुरू हुए विवाद में कुकुढ़ा पंचायत के सरपंच सुभाष सिंह (55 वर्ष) की कथित रूप से लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना में उनके दो पुत्र अखिलेश सिंह (26 वर्ष) और विंटेस सिंह (23 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है।
सरपंच की इलाज के दौरान मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने शव रखकर बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धान की रोपनी के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, चिलबिला गांव स्थित करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर सरपंच सुभाष सिंह और उनके पट्टीदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। गुरुवार सुबह करीब 9 बजे सुभाष सिंह ट्रैक्टर लेकर खेत में धान की रोपनी कराने पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के तेज बहादुर सिंह (पिता रामबचन सिंह), विनोद सिंह (पिता भोला सिंह) तथा अन्य लोगों के साथ कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई।
15 से 20 लोगों पर जानलेवा हमले का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि तेज बहादुर सिंह, विनोद सिंह समेत 15 से 20 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पिता पर हमला होता देख उनके दोनों पुत्र अखिलेश सिंह और विंटेस सिंह बचाने पहुंचे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी बेरहमी से पीट दिया। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान सरपंच ने तोड़ा दम
घटना की सूचना मिलते ही इटाढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, बक्सर भेजा। चिकित्सकों ने सरपंच सुभाष सिंह की हालत गंभीर देखते हुए उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं दोनों घायल पुत्रों का अस्पताल में इलाज जारी है।
मौत के बाद फूटा गुस्सा, सड़क पर उतरे ग्रामीण
सरपंच की मौत की सूचना फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया। दोपहर करीब 3 बजे परिजन और ग्रामीणों की भीड़ सदर अस्पताल पहुंची। लगभग 30 से 35 लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट के सामने शव रखकर बक्सर-चौसा मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
पुलिस बोली- जमीन बंटवारे का है मामला
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला आपसी बंटवारे और जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह दो पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट हुई थी, जिसमें सुभाष सिंह और उनके दोनों पुत्र गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान सुभाष सिंह की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद सदर अस्पताल के बाहर सड़क जाम की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी नामजद एवं अन्य आरोपितों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है तथा विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
क्षेत्र में तनाव, पुलिस की बढ़ी चौकसी
घटना के बाद चिलबिला गांव और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस सतर्क है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। वहीं प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।





