शिक्षक दिवस पर श्री हरिंदर जी एवं असगर अली को किया गया सम्मानित
डॉ. दिलशाद आलम बोले—“शिक्षक वह प्रकाश हैं, जो विद्यार्थियों को अंधकार से उजाले की ओर ले जाते हैं”


न्यूज़ विज़न। बक्सर
शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय, बिहार तथा साबित खिदमत फाउंडेशन एवं हॉस्पिटल, चीनी मिल, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षक सम्मान समारोह का गौरवपूर्ण आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री हरिंदर जी एवं श्री असगर अली को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
ज्ञात हो कि साबित खिदमत फाउंडेशन एवं मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय द्वारा प्रत्येक वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को सम्मानित करने की परंपरा निभाई जाती है। संस्था का उद्देश्य समाज में शिक्षा और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना है। समारोह को संबोधित करते हुए मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय के बिहार प्रदेश महासचिव एवं साबित खिदमत फाउंडेशन के निदेशक डॉ. दिलशाद आलम ने कहा, “शिक्षकों को सम्मानित करना हमारे लिए स्वयं गौरव का क्षण है। एक शिक्षक अपने ज्ञान और संस्कारों से विद्यार्थी को नई दिशा और नई जिंदगी देता है। वही विद्यार्थी आगे चलकर समाज और देश के भविष्य को एक नया स्वरूप प्रदान करता है।”
उन्होंने कहा कि माता-पिता के बाद शिक्षक ही बच्चे का सबसे महत्वपूर्ण अभिभावक और मार्गदर्शक होता है। शिक्षक केवल किताबी शिक्षा नहीं देता, बल्कि अच्छे संस्कार, नैतिकता और दीन-दुनिया का ज्ञान देकर विद्यार्थी को एक बेहतर इंसान बनाने का कार्य करता है। शिक्षक वह प्रकाश है, जो अपने विद्यार्थियों को अज्ञान और अंधकार से निकालकर ज्ञान एवं उजाले की ओर ले जाता है। ऐसे सभी गुरुजनों को शत-शत नमन है। इस अवसर पर भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद् एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया, जिनकी जयंती 5 सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती है।
डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय की मूल भावना समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना और जरूरतमंदों की सेवा करना है। इसी सेवा भावना के साथ साबित खिदमत फाउंडेशन एवं हॉस्पिटल में हर वर्ग के मरीजों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों से अपील की कि यदि वे उचित इलाज से वंचित हैं, तो अस्पताल में आकर उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं का लाभ अवश्य लें। कार्यक्रम में बिमला देवी, देवेंद्र, सायना, कमरुद्दीन, राहुल, नासिर, तरन्नुम, सोनम, अरुण कुमार, अरुण कुमार सिंह, नसीन, रवि, अफसाना, रुक्साना, मुस्कान, दिलशाद, शोभा, मनीष, मनीषा, सरवरी, इम्तियाज खान, चित्रंजन, प्रभा, मोतीलाली, सलीम, दिनेश एवं अतीक सहित संस्था एवं अस्पताल से जुड़े अनेक सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के प्रति सम्मान, समाज में शिक्षा के प्रसार तथा मानव सेवा के संकल्प के साथ किया गया।





