शिक्षक दिवस पर बच्चों को मिला खेती का व्यावहारिक ज्ञान, कृषक मित्र ललन सिंह ने सिखाई आधुनिक कृषि की तकनीक
ज्ञानार्जन अभियान के तहत कन्या प्राथमिक विद्यालय धनसोई में हुआ प्रेरणादायक कार्यक्रम, पौधरोपण कर शिक्षकों के सम्मान का दिया संदेश


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिला पदाधिकारी, बक्सर के मार्गदर्शन में संचालित ‘ज्ञानार्जन अभियान’ के तहत शिक्षक दिवस के अवसर पर कन्या प्राथमिक विद्यालय, धनसोई के प्रांगण में प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्रधान शिक्षक देवेंद्र कुमार पाल ने किया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध व्यावहारिक एवं व्यावसायिक ज्ञान से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रतिष्ठित कृषक मित्र श्री ललन सिंह को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। विद्यालय परिसर में उनके पहुंचते ही छात्राओं ने उत्साह और गर्मजोशी के साथ गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद ज्ञानार्जन सत्र की शुरुआत हुई। मुख्य वक्ता ललन सिंह ने सर्वप्रथम सभी शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और गुरुजनों के प्रति सम्मान का संदेश देते हुए शिक्षक दिवस को यादगार बनाने की अनूठी अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रति सच्चा सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि अच्छे कार्यों के माध्यम से भी प्रकट किया जा सकता है। प्रत्येक बच्चा इस अवसर पर एक पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले।
इसके बाद आयोजित ज्ञानार्जन सत्र में ललन सिंह ने बच्चों के साथ कृषि क्षेत्र में अपने व्यावहारिक एवं व्यावसायिक अनुभव साझा किए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बेहद सरल एवं सहज भाषा में आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक खेती के लाभ, जल संरक्षण, उन्नत सिंचाई पद्धति तथा फसलों में कीट प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बदलते समय के साथ खेती के तौर-तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। कम पानी में बेहतर उत्पादन, जैविक खाद के उपयोग, फसलों को कीटों से बचाने के उपाय और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने से किसान बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। बच्चों ने कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर उत्सुकता के साथ जानकारी प्राप्त की और अपनी जिज्ञासाओं को भी वक्ता के सामने रखा।
अपने बीच कृषि क्षेत्र के अनुभवी व्यक्ति को पाकर छात्र-छात्राएं काफी उत्साहित नजर आए। बच्चों ने खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में न सिर्फ जानकारी प्राप्त की, बल्कि कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी समझा। विद्यालय परिवार ने कहा कि ‘ज्ञानार्जन अभियान’ बच्चों को पारंपरिक किताबी शिक्षा के साथ स्थानीय अनुभव, व्यावहारिक ज्ञान और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान के दायरे को विस्तृत करने के साथ-साथ उन्हें अपने आसपास के संसाधनों और स्थानीय व्यवसायों को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान शिक्षक देवेंद्र कुमार पाल, शिक्षक ताराचंद, शिक्षिका कुमारी अर्चना, शिक्षिका सविता कुमारी, शिक्षिका सुमन बाला सहित विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करते हुए किया गया।





