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कैमूर में मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय की जिला इकाई का भव्य स्थापना समारोह संपन्न

पीड़ितों, वंचितों और जरूरतमंदों को न्याय दिलाना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता : रोहित कुमार सिंह

न्यूज़ विज़न।  बक्सर / कैमूर 
मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय की कैमूर जिला इकाई का स्थापना समारोह मोहनिया शहर स्थित मोहनिया बिहार होटल में अत्यंत भव्यता और गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के साथ जिले के सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय की स्थापना तथा गरीब, शोषित, वंचित एवं पीड़ित नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।

 

समारोह में मुख्य रूप से मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह, राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार डॉ. आर.पी. सिंह, बिहार प्रदेश महासचिव एवं बक्सर जिलाध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम, औरंगाबाद जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, कैमूर जिलाध्यक्ष रामप्यारे साह, सचिव डॉ. खालिद, राहुल कुमार सहित संगठन के अनेक राष्ट्रीय, प्रादेशिक एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में दया सिंह, राजकुमार भर, सलाहुद्दीन, असलम, पूर्व नगर अध्यक्ष, विमला देवी, धरमशिला देवी, चंदन कुमार और विकास कुमार सहित जिले के प्रखर वक्ता, समाजसेवी, बुद्धिजीवी एवं विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ। संगठन के पदाधिकारियों ने कैमूर जिले में मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय की जिला इकाई की स्थापना को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे जिले के गरीब, कमजोर, शोषित और न्याय से वंचित लोगों को अपनी समस्याएं रखने के लिए एक सशक्त मंच प्राप्त होगा। समारोह में मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के उद्देश्यों, कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

मानवाधिकार की लड़ाई बिहार के प्रत्येक जिले तक पहुंचे : रोहित कुमार सिंह

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा केवल किसी एक व्यक्ति अथवा संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक का नैतिक दायित्व है। गरीबों, पीड़ितों और उन लोगों की आवाज बनना आवश्यक है, जिन्हें लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी न्याय नहीं मिल पाता।

उन्होंने कहा, “चंपारण में जिस मजबूती और समर्पण के साथ मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ी जा रही है, उसी प्रकार का अभियान बिहार के प्रत्येक जिले में चलाया जाना चाहिए। संगठन का उद्देश्य किसी के साथ टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि कानून और संविधान के दायरे में रहते हुए पीड़ितों को उनका अधिकार एवं न्याय दिलाना है।”

उन्होंने कैमूर जिला इकाई के नवनियुक्त पदाधिकारियों और सदस्यों से अपील की कि वे निष्पक्षता, पारदर्शिता और सेवाभाव के साथ कार्य करें। किसी भी पीड़ित व्यक्ति की जाति, धर्म, भाषा, वर्ग अथवा राजनीतिक पहचान देखे बिना उसकी समस्या को गंभीरता से सुनें और न्याय दिलाने के लिए वैधानिक प्रयास करें।

लंबी है मानवाधिकारों की लड़ाई, नागरिकों को होना होगा तैयार : डॉ. आर.पी. सिंह

राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार डॉ. आर.पी. सिंह ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय की स्थापना का संघर्ष लंबा तथा चुनौतीपूर्ण है। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियों के साथ आम नागरिकों को भी जागरूक और सक्रिय होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, सम्मान और न्याय का अधिकार दिया है। इन अधिकारों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे, तभी अन्याय, भेदभाव और शोषण के विरुद्ध मजबूती से आवाज उठाई जा सकेगी। मानवाधिकारों की लड़ाई लंबी चलनी है। इसलिए बिहार के सभी नागरिकों को कमर कसकर तैयार होना होगा। सामाजिक परिवर्तन केवल भाषणों से नहीं, बल्कि निरंतर जनसेवा, जागरूकता और पीड़ितों की व्यावहारिक सहायता से संभव होगा।

समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय दिलाना हमारा संकल्प : डॉ. दिलशाद आलम

बिहार प्रदेश महासचिव एवं बक्सर जिलाध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि बिहार के विभिन्न जिलों में मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन जिस सक्रियता के साथ काम कर रहा है, वह सराहनीय और प्रेरणादायक है। संगठन द्वारा कई महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक जनसेवा के कार्य किए गए हैं, लेकिन इन उपलब्धियों को गिनाने से अधिक आवश्यक है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा, “हमारा सबसे बड़ा उद्देश्य समाज के हर वर्ग के साथ न्यायसंगत तरीके से खड़ा होना है। किसी गरीब, कमजोर या पीड़ित नागरिक के अधिकारों का हनन होता है तो संगठन उसकी आवाज बनेगा। संविधान और कानून के अंतर्गत मानवाधिकारों की रक्षा की जाएगी और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।”

डॉ. आलम ने कहा कि संगठन की जिला इकाइयां जन-जागरूकता अभियान, कानूनी सहायता, महिला अधिकार, बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भेदभाव जैसे विषयों पर काम करेंगी। उन्होंने पदाधिकारियों को किसी भी शिकायत की सत्यता की जांच करने तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से वैधानिक समाधान कराने की सलाह दी। उन्होंने कैमूर जिला इकाई के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह इकाई निष्पक्षता और सेवाभाव के साथ कार्य करते हुए पीड़ित मानवता के लिए आशा का केंद्र बनेगी।

जाति और धर्म से ऊपर उठकर बनानी होगी सामाजिक एकता : साबित रोहतास्वी 

समारोह का प्रभावशाली संचालन प्रख्यात शायर एवं मंच संचालक साबित रौतासवी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र की संकीर्ण सीमाओं से ऊपर उठकर सोचना होगा। उन्होंने कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं और न्याय से बड़ा कोई सामाजिक सिद्धांत नहीं है। समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारा तभी कायम रह सकता है, जब सभी समुदायों के लोग एक-दूसरे के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करें। उन्होंने लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्रहित और समाजहित में एकजुट होने की अपील की।

पीड़ितों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने का लिया गया संकल्प

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय की कैमूर जिला इकाई गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर तक जनसंपर्क स्थापित करेगी। समाज के ऐसे लोग, जिन्हें प्रशासनिक, सामाजिक अथवा कानूनी स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, उनकी समस्याओं को सुनकर उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा। संगठन द्वारा लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिए समय-समय पर जनसंवाद, जागरूकता शिविर, विचार गोष्ठी, कानूनी परामर्श शिविर और सामाजिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महिला उत्पीड़न, बाल अधिकारों का उल्लंघन, वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा, श्रमिकों के अधिकार, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।

समारोह के दौरान पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने यह संकल्प दोहराया कि मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय का मंच किसी विशेष जाति, धर्म, वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं रहेगा। यह संगठन समाज के प्रत्येक जरूरतमंद नागरिक के अधिकार, सम्मान और न्याय की रक्षा के लिए कार्य करेगा। कार्यक्रम के अंत में कैमूर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया। अतिथियों ने सफल आयोजन के लिए जिलाध्यक्ष रामप्यारे साह, सचिव डॉ. खालिद तथा कैमूर की पूरी टीम को बधाई दी। समारोह सामाजिक एकता, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

 

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