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साइबर सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक, एसपी शुभम आर्या ने दिए सुरक्षित डिजिटल उपयोग के टिप्स

Foundation School एवं G.D. Mishra Institute में ‘Cyber Secure Bihar’ अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम | ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर उत्पीड़न और सोशल मीडिया सुरक्षा पर दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
‘Cyber Secure Bihar’ जागरूकता अभियान के अंतर्गत शनिवार को Foundation School एवं G.D. Mishra Institute of Higher Studies में विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं को साइबर अपराध से बचाव और इंटरनेट के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष Cyber Security Awareness Programme का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बिहार पुलिस, State Bank of India एवं Intenext के संयुक्त प्रयास से आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं को डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा सुरक्षित तरीके से इंटरनेट का इस्तेमाल करने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

 

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बक्सर पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या थीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में Cyber Dy.SP एवं महिला थाना की थानाध्यक्ष मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक एवं संदेश, डिजिटल ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल तथा साइबर उत्पीड़न से बचाव जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

एसपी शुभम आर्या ने विद्यार्थियों को किया सतर्क

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या ने विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं को साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इंटरनेट एवं डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय हर व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति, लिंक, कॉल या संदेश पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सावधानी और जागरूकता को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बताया।

फर्जी लिंक और डिजिटल ठगी से बचने के बताए उपाय

Cyber Dy.SP ने साइबर अपराध के तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में समझाते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक एवं संदेश, डिजिटल ठगी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर अपराधी किस प्रकार लोगों को झांसा देकर उनकी निजी जानकारी अथवा आर्थिक संसाधनों तक पहुंच बनाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध संदेशों का जवाब देने तथा बिना सत्यापन के किसी व्यक्ति के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी।

छात्राओं को साइबर उत्पीड़न के प्रति किया जागरूक

महिला थाना की थानाध्यक्ष ने छात्राओं को महिलाओं के सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं, साइबर उत्पीड़न और ऑनलाइन माध्यमों से होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने साइबर उत्पीड़न की स्थिति में घबराने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करने तथा उपलब्ध कानूनी एवं सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।

Resource Person ने उदाहरणों से समझाई साइबर सुरक्षा की बारीकियां

कार्यक्रम के Resource Person श्री अभिनव दास ने अपने तकनीकी एवं व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से साइबर सुरक्षा की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के जरिए बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय की गई छोटी-सी असावधानी भी साइबर अपराध का कारण बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक रहते हुए उसके सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया।

‘Digitally Sound’ बनने का दिया संदेश

Foundation School के Principal मनोज त्रिगुण एवं G.D. Mishra Institute of Higher Studies के Principal Dr. J. R. Choudhary ने मुख्य अतिथि एवं सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। दोनों संस्थानों के प्रधानाचार्यों ने विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं को कार्यक्रम की उपयोगिता से अवगत कराया। डॉ. जे. आर. चौधरी ने प्रशिक्षुओं को ‘Digitally Sound’ बनने तथा डिजिटल तकनीक के ज्ञान का सुरक्षित एवं जिम्मेदार तरीके से उपयोग करने की सलाह दी। Foundation School के Principal मनोज त्रिगुण ने कहा, “आज के डिजिटल युग में केवल तकनीकी रूप से सक्षम होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिजिटल रूप से जिम्मेदार नागरिक बनना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं को सुरक्षित, सजग और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।”

प्रश्नोत्तर सत्र ने बढ़ाई कार्यक्रम की उपयोगिता

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक सवाल पूछे। पुलिस अधीक्षक, Cyber Dy.SP एवं Resource Person ने विद्यार्थियों के सवालों का सरल एवं प्रभावी ढंग से जवाब दिया। प्रश्नोत्तर सत्र के कारण कार्यक्रम काफी संवादात्मक एवं उपयोगी रहा और विद्यार्थियों को अपनी जिज्ञासाओं का समाधान सीधे विशेषज्ञों से प्राप्त हुआ।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया साइबर सुरक्षा का संदेश

साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश देने के लिए विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से साइबर अपराध से बचाव, सतर्कता और डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार इस्तेमाल का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने काफी सराहा।

सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने का लिया संदेश

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन ने बिहार पुलिस, State Bank of India, Intenext तथा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं को साइबर अपराध की चुनौतियों से अवगत कराने के साथ ही उन्हें इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का सुरक्षित, सजग एवं जिम्मेदार तरीके से उपयोग करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल तकनीक का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी है। विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को साइबर अपराध से बचाने और उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

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