बक्सर एसपी का बड़ा एक्शन: कोर्ट कार्य में लापरवाही पर 42 पुलिस पदाधिकारियों से जवाब-तलब, विभाग में मचा हड़कंप
कांड दैनिकी और प्रतिवेदन समय पर नहीं भेजने पर सख्त हुए एसपी शुभम आर्य, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले में न्यायालयीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। एसपी ने जिले के विभिन्न थानों में तैनात 42 पुलिस पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार न्यायालय द्वारा मांगी गई कांड दैनिकी (केस डायरी) एवं संबंधित प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं किए गए थे। इस मामले की समीक्षा स्वयं एसपी द्वारा की गई, जिसमें यह सामने आया कि जिले के कई थानों में तैनात पुलिस पदाधिकारियों ने न्यायालयीय प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया और आवश्यक दस्तावेज समय सीमा के भीतर उपलब्ध नहीं कराए। एसपी ने इसे न्यायालय कार्य में गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित 42 पुलिस पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने और न्यायालयीय कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के उद्देश्य से की गई है।
बताया जा रहा है कि एसपी के इस कड़े रुख के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कई थानों में पदाधिकारी अपने लंबित मामलों और न्यायालय से जुड़े दस्तावेजों को जल्द से जल्द अपडेट करने में जुट गए हैं। जानकारों का कहना है कि न्यायालय में केस डायरी और प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत नहीं होने से कई मामलों की सुनवाई प्रभावित होती है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है। ऐसे में एसपी की यह कार्रवाई पुलिस प्रशासन में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। पुलिस विभाग के भीतर यह संदेश भी साफ तौर पर गया है कि न्यायालयीय कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है।





