चहारदीवारी बनी, गेट गायब: रामपुर के शिव प्रसाद संस्कृत डिग्री कॉलेज की सुरक्षा भगवान भरोसे
₹7.26 लाख खर्च के बावजूद मुख्य द्वार नहीं लगा, जर्जर भवन और लगातार चोरी से छात्र-शिक्षक परेशान


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत उमरपुर पंचायत स्थित शिव प्रसाद संस्कृत डिग्री कॉलेज, रामपुर की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। जिला परिषद मद से लाखों रुपये खर्च कर कॉलेज परिसर की चहारदीवारी का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन मुख्य गेट पर आज तक दरवाजा नहीं लगाया गया। ऐसे में विद्यालय परिसर पूरी तरह असुरक्षित बना हुआ है और आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों और विद्यालय परिवार का कहना है कि चहारदीवारी बनने के बाद उम्मीद जगी थी कि विद्यालय सुरक्षित होगा, लेकिन मुख्य प्रवेश द्वार पर गेट नहीं लगने से पूरी योजना अधूरी साबित हो रही है। रात के समय असामाजिक तत्व आसानी से परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे विद्यालय की संपत्ति पर लगातार खतरा बना रहता है। बताया जाता है कि इस परिसर में उच्च विद्यालय और महाविद्यालय, दोनों संचालित होते हैं। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यहां पढ़ाई करने आते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लचर बनी हुई है। विद्यालय के अंदर भी कई स्थानों पर गेट नहीं हैं और भवन जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। बरसात और गर्मी के मौसम में छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, बक्सर पूर्वी क्षेत्र संख्या-08 के जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र ठाकुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस चहारदीवारी निर्माण कार्य को कराया गया था। योजना की कुल लागत ₹7 लाख 26 हजार 200 बताई जा रही है। योजना का SCHEME ID 63683932 है। इसके बावजूद मुख्य गेट पर दरवाजा नहीं लगने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया और संबंधित विभाग या अधिकारियों द्वारा अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गेट लगाया गया होता तो चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती थी। उच्च विद्यालय के प्राचार्य उपेंद्र उपाध्याय ने कहा की जिला परिषद सदस्य से मैंने कई बार बात किया तो बोले की लग जायेगा। लेकिन अभी तक नहीं लगा जिससे पूरी तरह असुरक्षित है।
विद्यालय से जुड़े लोगों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द मुख्य गेट पर मजबूत दरवाजा लगाया जाए तथा जर्जर भवन की मरम्मत कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।





