CBSE 12वीं परीक्षा 2026 में हेरिटेज स्कूल के किसलय मिश्रा बने जिला साइंस टॉपर, शत-प्रतिशत रिजल्ट के साथ छात्रों का भव्य सम्मान
हेरिटेज स्कूल ने रचा सफलता का नया इतिहास


न्यूज विज़न। बक्सर
हेरिटेज स्कूल अर्जुनपुर ने एक बार फिर उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ जिले में अपनी मजबूत पहचान कायम की है। सीबीएसई द्वारा आयोजित 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के घोषित परिणाम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया। परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर, गुलाल लगाकर एवं सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
श्री ईश्वर मुनि एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित इस सीबीएसई संबद्ध (10+2) विद्यालय के छात्र किसलय मिश्रा ने 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर साइंस स्ट्रीम में जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं आदित्य रंजन ने 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि वैष्णवी राय 94.4 प्रतिशत अंकों के साथ तृतीय रैंकर रहीं।
विद्यालय के कई अन्य विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। इनमें अंशु चौरसिया ने 88.2%, लावण्या मात्या ने 87.4%, मुस्कान ने 84.4%, वंदना ने 83.6%, शुभ केशरी ने 82.4%, कृष्णा लोहिया ने 82.2% तथा रुद्र शांडिल्य ने 81.8% अंक प्राप्त किए। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने 80 और 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर विद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया।
इस वर्ष भी विद्यालय ने शत-प्रतिशत परिणाम देने की अपनी परंपरा को कायम रखा। विशेष उपलब्धि हासिल करते हुए आदित्य रंजन ने फिजिक्स जैसे कठिन विषय में पूरे 100 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके अतिरिक्त तीन विद्यार्थियों ने पेंटिंग विषय में भी शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
विद्यालय के प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक, निदेशक डॉ. प्रदीप पाठक तथा प्राचार्या डॉ. सुषमा कुमारी ने सभी सफल विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर निदेशक डॉ. प्रदीप पाठक ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को करियर और जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें समझाईं। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय मजबूत इच्छाशक्ति और सही निर्णय के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषयों को समझने और महसूस करने की सलाह देते हुए कहा कि नियमित साधना और शांतचित्त होकर लक्ष्य की ओर बढ़ने वाला विद्यार्थी कभी असफल नहीं होता।
उन्होंने उन विद्यार्थियों का भी मनोबल बढ़ाया, जिन्हें अपेक्षा के अनुरूप अंक प्राप्त नहीं हो सके। डॉ. पाठक ने कहा कि असफलता अंत नहीं बल्कि आगे बढ़ने की सीख होती है और निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है।
प्राचार्या डॉ. सुषमा कुमारी ने विशेष रूप से छात्राओं के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams का उदाहरण देते हुए कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और सही मार्गदर्शन ही उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचाता है।
विद्यालय के प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक ने भी विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को इस सफलता का श्रेय देते हुए कहा कि संस्कार, परिश्रम और अनुशासन ही सफलता की मजबूत नींव हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रदीप पाठक ने विद्यालय के दिवंगत संस्थापक दिलीप कुमार पाठक के सपनों को याद करते हुए कहा कि आज की उपलब्धियां उन्हीं के विजन और विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।





