छात्राओं से छेड़खानी और आपत्तिजनक वीडियो मामले में मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी गिरफ्तार, दोनों शिक्षक निलंबित
नथुनी अहीर के डेरा मध्य विद्यालय का मामला गरमाया, वीरेंद्र प्रसाद और अरविन्द कुमार पर विभागीय कार्रवाई शुरू; वायरल वीडियो और धमकी भरे ऑडियो की भी जांच


न्यूज़ विज़न। बक्सर/डुमरांव
डुमरांव प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय, नथुनी अहीर के डेरा में छात्राओं के साथ छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और ऑडियो के माध्यम से धमकी देने के गंभीर आरोपों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में पुलिस ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि प्रधानाध्यापक को राजकीय शिक्षक पुरस्कार भी मिलने वाला था। उनकी गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर विद्यालय में पदस्थापित दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित शिक्षकों में सहायक शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और विद्यालय अध्यापक अरविन्द कुमार शामिल हैं।
दोनों शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई शुरू
जिला शिक्षा विभाग की ओर से जारी कार्रवाई के तहत दोनों शिक्षकों के विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों शिक्षकों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन अवधि में वीरेंद्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, राजपुर, जबकि अरविन्द कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, चक्की निर्धारित किया गया है। विभाग की ओर से दोनों के खिलाफ आरोप पत्र गठित करने के साथ ही विभागीय जांच के लिए संचालन एवं उपस्थापन पदाधिकारी नामित करने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
वायरल वीडियो को लेकर भी जांच के निर्देश
मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक की ओर से दिए गए प्रतिवेदन में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की विद्यालय में अध्ययनरत छात्रा नहीं है। इस दावे को लेकर भी शिक्षा विभाग ने आवश्यक कार्रवाई और जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में छात्राओं से कथित छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो के प्रसारण तथा धमकी भरे ऑडियो से जुड़े आरोपों की वास्तविकता को लेकर पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजकीय शिक्षक पुरस्कार मिलने वाला था प्रधानाध्यापक को
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि गिरफ्तार किए गए विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को राजकीय शिक्षक पुरस्कार मिलने वाला था। ऐसे में गंभीर आरोपों से जुड़े इस मामले में उनकी गिरफ्तारी ने शिक्षा जगत में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा विभाग की विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरे मामले में आरोपों की वास्तविकता क्या है और इसमें कौन-कौन लोग दोषी हैं। प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई जारी है।





