नाबालिग छात्राओं से छेड़खानी के आरोपों के बाद बड़ा एक्शन: शिक्षक दिवस पर प्रधानाध्यापक को नहीं मिलेगा राजकीय सम्मान
नथुनी अहीर के डेरा मध्य विद्यालय के दो शिक्षक निलंबित, आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी तेज; एसपी शुभम आर्य ने कहा—दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा


न्यूज़ विज़न। बक्सर
डुमरांव प्रखंड क्षेत्र के नथुनी अहीर के डेरा मध्य विद्यालय में नाबालिग छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने से जुड़े गंभीर आरोपों ने शिक्षा विभाग से लेकर पुलिस प्रशासन तक को सक्रिय कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के स्तर से भी बड़ा फैसला लिया गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को दिया जाने वाला प्रस्तावित राजकीय सम्मान अब नहीं दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
दरअसल, इसी विद्यालय में कार्यरत दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार करने, वीडियो बनाने तथा उसे वायरल करने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोपों से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद जिलेभर में लोगों में आक्रोश देखा गया और विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे।
राजकीय सम्मान की सूची में नाम आने पर उठे थे सवाल
मामला सामने आने के बाद इसी विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी का नाम शिक्षक दिवस पर राजकीय सम्मान के लिए प्रस्तावित सूची में शामिल होने को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। लोगों की नाराजगी और बढ़ते विवाद के बीच मामला सरकार के स्तर तक पहुंचा। इसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से हस्तक्षेप करते हुए प्रधानाध्यापक को 5 सितंबर को प्रस्तावित राजकीय सम्मान नहीं देने का फैसला लिया गया। हालांकि, पूरे मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रशासन की ओर से मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
दो आरोपी शिक्षक निलंबित, विभागीय कार्रवाई जारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण ने बताया कि मामले में आरोपित दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई भी की जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद अब पुलिस जांच और आरोपित शिक्षकों की गिरफ्तारी को लेकर भी कार्रवाई तेज कर दी गई है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी
इधर, मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने भी गंभीरता दिखाई है। एसपी के निर्देश पर स्थानीय थाना और महिला थाना की पुलिस आरोपित शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस टीम पीड़ित परिवारों से बारी-बारी से मुलाकात कर घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही वायरल वीडियो और अन्य संभावित साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस पूरे मामले में साक्ष्य एकत्र करने के साथ आरोपों की गहराई से जांच कर रही है। एसपी शुभम आर्य ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही आरोपितों को कानून के शिकंजे में लाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गंभीर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होना चाहिए और किसी भी शिक्षक या कर्मचारी द्वारा बच्चों की सुरक्षा एवं विश्वास के साथ खिलवाड़ किए जाने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई जरूरी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुलिस जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाया जाए। फिलहाल, शिक्षा विभाग की ओर से दोनों शिक्षकों के निलंबन और प्रधानाध्यापक को प्रस्तावित राजकीय सम्मान नहीं दिए जाने के फैसले के बाद अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच और आरोपित शिक्षकों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों और तथ्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





