+2 बी.एन. उच्च विद्यालय, ब्रह्मपुर के प्रभारी प्राचार्य द्वारा छात्र के साथ दुर्व्यवहार मामले में ABVP ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और कथित अवैध वसूली के आरोपों को लेकर जिला पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) बक्सर इकाई ने शनिवार को विभाग संयोजक अविनाश पांडेय के नेतृत्व में जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर +2 बी.एन. उच्च विद्यालय, ब्रह्मपुर से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एवं विद्यालय में सामने आए कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जो विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य करता रहा है। परिषद का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से छात्र-छात्राओं से कथित अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। इसी बीच विद्यालय परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं एक शिक्षक के बीच विवाद और अभद्र भाषा का प्रयोग स्पष्ट रूप से दिखाई एवं सुनाई दे रहा है। परिषद का कहना है कि इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज्ञापन के माध्यम से परिषद ने जिला प्रशासन से मांग की कि वायरल वीडियो की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही विद्यालय में कथित अवैध वसूली के आरोपों की भी गहन जांच कर दोषी पाए जाने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परिषद का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को दूषित करती हैं और विद्यार्थियों के मनोबल के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं।
इस संबंध में परिषद ने ज्ञापन की प्रतिलिपि बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी, बक्सर को भी प्रेषित की है। विभाग संयोजक अविनाश पांडेय ने कहा कि विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के अधिकार, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सदैव संघर्षरत रही है। उन्होंने कहा कि यदि मामले में समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो परिषद विद्यार्थियों के हित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विराज सिंह ने घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए आरोप लगाया कि कई शैक्षणिक संस्थान शिक्षा के केंद्र होने के बजाय भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक विफलताओं का अड्डा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई कर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अनिश तिवारी, प्रियांशु शुभम, संजीत यादव, रुद्र प्रताप सिंह, रोहित मिश्रा सहित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। परिषद ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और आवश्यक होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।





