OTHERS

डुमरांव के लालगंज महादलित टोला में सखी वार्ता कार्यक्रम आयोजित, महिलाओं को अधिकारों और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

वन स्टॉप सेंटर और जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन की पहल पर जागरूकता अभियान, बाल विवाह, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाओं पर हुआ संवाद

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से शुक्रवार को बाल विकास परियोजना डुमरांव के अंतर्गत लालगंज कड़वी महादलित टोला स्थित सामुदायिक भवन में “सखी वार्ता जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सखी वन स्टॉप सेंटर की कर्मी रीमा कुमारी एवं प्रतिव्या कुमारी के साथ जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन (डीएचईडब्ल्यू) बक्सर के कर्मी मुकेश कुमार द्वारा किया गया।

 

 

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं, पुरुषों और किशोरियों को महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पीसीपीएनडीटी एवं एमटीपी एक्ट, साइबर अपराध से बचाव, तथा नशा मुक्ति अभियान के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, हिंसा या संकट की स्थिति में वे महिला हेल्पलाइन नंबर-181, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर-1098 तथा साइबर क्राइम टोल फ्री नंबर-1930 का उपयोग कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही उन्हें डिजिटल सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों से संवाद स्थापित करते हुए सरकारी योजनाओं के लाभ की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली गई। महिलाओं से पूछा गया कि उन्हें किन-किन योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ है तथा किन योजनाओं का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। इस दौरान कई महिलाओं ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी साझा किए, जिन पर संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक पहल का आश्वासन दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी और उनका सही लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों एवं किशोरियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली तथा सभी ने ऐसे कार्यक्रमों को समाज के लिए उपयोगी बताया। यह जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके अधिकारों के प्रति सजग करने तथा सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button