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एकौना में 9 कुंडीय विराट गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव की तैयारी शुरू

108 देवकन्याओं ने किया भूमिपूजन, 31 मई से 3 जून तक चलेगा आध्यात्मिक आयोजन

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत एकौना गांव स्थित काली मंदिर प्रांगण में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना के जागरण हेतु आयोजित होने वाले 9 कुंडीय विराट गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव की तैयारियां विधिवत रूप से शुरू हो गई हैं। रविवार को गायत्री शक्तिपीठ जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट के मार्गदर्शन में भव्य भूमिपूजन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 108 देवकन्याओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन संपन्न कराया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम परिक्रमा से हुआ। इस दौरान गांव की गलियों में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। ग्राम परिक्रमा में सैकड़ों श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूरे गांव में वैदिक मंत्रों एवं जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भूमिपूजन समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गायत्री परिवार के परिजन उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने बताया कि यह विराट धार्मिक आयोजन 31 मई से 1, 2 एवं 3 जून तक संपन्न होगा, जिसमें श्रीमद् प्रज्ञा पुराण कथा के साथ विभिन्न वैदिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

31 मई को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
महोत्सव के प्रथम दिन 31 मई को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं श्रद्धालुजन शामिल होंगे। कलश यात्रा गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों के बीच आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों का संदेश फैलाएगी। आयोजकों के अनुसार कलश यात्रा पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण का संचार करेगी।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा महायज्ञ का शुभारंभ
1 जून को श्रद्धेय दंपत्तियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 9 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। यज्ञशाला में वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से विश्व कल्याण, सुख-शांति एवं समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए आहुतियां दी जाएंगी।

निःशुल्क होंगे विभिन्न संस्कार
2 जून को यज्ञशाला में यज्ञ के साथ-साथ पुंसवन, नामकरण, अन्नप्राशन, मुंडन, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत एवं गुरु दीक्षा जैसे विभिन्न संस्कार निःशुल्क संपन्न कराए जाएंगे। गायत्री परिवार द्वारा इन संस्कारों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसी दिन संध्या काल में विराट गायत्री दीप महायज्ञ का आयोजन भी होगा। दीप महायज्ञ के दौरान जन्मदिन, विवाह दिवस एवं अन्य जीवनोपयोगी संस्कार वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराए जाएंगे।

3 जून को होगी पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण
महोत्सव के अंतिम दिन 3 जून को वैदिक आहुतियों के साथ महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी। इसके उपरांत महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। साथ ही शांतिकुंज से आए प्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन समिति ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज में संस्कार, संस्कृति, नैतिकता एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। गायत्री परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की गई है।

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