बक्सर व्यवहार न्यायालय में दिवंगत अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद चौबे की 13वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित
अधिवक्ताओं ने तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, उनके आदर्शों और मार्गदर्शन को बताया प्रेरणास्रोत


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित पुस्तकालय भवन में शनिवार को दिवंगत अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद चौबे की 13वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। जिला अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अधिवक्ताओं ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा ने की, जबकि मंच संचालन वरीय अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष बबन ओझा ने कहा कि दिवंगत अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद चौबे ने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान व्यवहार न्यायालय में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी विद्वता, सादगी और श्रेष्ठ आचरण के कारण अधिवक्ताओं के बीच विशेष सम्मान प्राप्त करते थे। उनके मार्गदर्शन से कई युवा अधिवक्ताओं को प्रेरणा मिली और उन्होंने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभा को संबोधित करते हुए अधिवक्ता जनार्दन राय ने कहा कि स्वर्गीय चौबे का जीवन और उनके आदर्श आज भी अधिवक्ता समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर युवा अधिवक्ता अपने जीवन एवं पेशे में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उनके मूल्यों और सिद्धांतों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में महासचिव बिंदेश्वरी पांडे उर्फ पप्पू पांडे ने सभी अतिथियों एवं अधिवक्ताओं का स्वागत करते हुए दिवंगत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं स्वर्गीय चौबे की शिष्या साधना पांडेय ने कहा कि उन्होंने अपने गुरु के मार्गदर्शन और आदर्शों को जीवन में अपनाते हुए निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास किया है। उन्होंने जिला अधिवक्ता संघ के प्रति कृतज्ञता भी प्रकट की। श्रद्धांजलि सभा में हरिशंकर शर्मा, रामाकांत पांडेय, श्रीमन्नारायण ओझा, शेषनाथ सिंह, दिनानाथ सिंह, जनार्दन शर्मा, जितेंद्र दुबे, रामाकांत तिवारी, रामकृष्ण चौबे, पप्पू मिश्रा, सुजीत सिंह, कंचन उपाध्याय, अरविंद चौबे एवं अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन महासचिव द्वारा किया गया।





