डीटीओ ऑफिस शराब कांड पर गरमाई सियासत, पूर्व विधायक मुन्ना तिवारी ने मुख्यमंत्री से की सख्त कार्रवाई की मांग
“सरकारी विभाग ही उड़ा रहा शराबबंदी कानून की धज्जियां, दोषियों पर हो नामजद एफआईआर” — मुन्ना तिवारी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिला परिवहन कार्यालय परिसर में शराब बरामदगी मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। बक्सर सदर के पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी सहित संबंधित कर्मियों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री समेत कई उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की अपील की है।
शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व विधायक ने कहा कि बिहार में लागू शराबबंदी कानून का सरकारी विभागों द्वारा ही मजाक उड़ाया जा रहा है। उन्होंने इसे बिहार की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने वाला गंभीर मामला बताया।उन्होंने कहा कि 14 मई 2026 को जिला परिवहन कार्यालय में शराब की खाली और भरी बोतलों की बरामदगी हुई, जिसकी खबर विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित हुई। ऐसे में यह घटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट शराबबंदी कानून की खुली अवहेलना है।
सीसीटीवी फुटेज को जांच में शामिल करने की मांग
मुन्ना तिवारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग की है कि जिला परिवहन कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य बनाया जाए, ताकि पूरे मामले का सच सामने आ सके। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा एफआईआर की प्रतिलिपि तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि मामले की लीपापोती शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में शराब तस्करी और अवैध कारोबार में यदि सरकारी कर्मियों की मिलीभगत सामने आती है तो ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई कर सरकार को सख्त संदेश देना चाहिए।
“कमरे को सील कर सुरक्षित रखे जाएं साक्ष्य”
पूर्व विधायक ने मांग की कि जिस कमरे से शराब बरामद हुई है उसे तत्काल सील किया जाए ताकि किसी भी प्रकार से साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो सके। उन्होंने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी कर सरकार को एक नजीर पेश करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रशासनिक क्षमता की भी सराहना करते हुए लिखा कि बिहार विधानसभा में लंबे समय तक साथ काम करने के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को निष्पक्ष और कड़े प्रशासक के रूप में देखा है। ऐसे में इस गंभीर मामले में मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप बेहद आवश्यक है।
इन अधिकारियों को भी भेजी गई पत्र की प्रतिलिपि
मुन्ना तिवारी ने इस आशय की प्रतिलिपि बिहार के पुलिस महानिदेशक, मद्य निषेध विभाग के सचिव, पटना प्रमंडल के आईजी, शाहाबाद डीआईजी, बक्सर जिलाधिकारी तथा बक्सर पुलिस अधीक्षक को भी मेल के माध्यम से भेजकर कार्रवाई की मांग की है। संवाददाता सम्मेलन में डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, नीलू मिश्र, राहुल शर्मा, शुभम तिवारी, नितेश कुमार सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।





