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 अक्षय तृतीया पर यमुना चौक स्थित गंगाराम मदन प्रसाद झुन बाबू सर्राफ की दुकान में रही रौनक

न्यूज़ विज़न।  बक्सर
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर शहर का प्रमुख बाजार यमुना चौक पूरी तरह से गुलजार नजर आया। विशेष रूप से बक्सर की सबसे पुरानी और भरोसेमंद ज्वेलरी दुकानों में शुमार गंगाराम मदन प्रसाद झुन बाबू सर्राफ में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक लगातार जारी रहा। इस दौरान दुकान में सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

 

इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व 19 और 20 अप्रैल, दोनों दिनों तक मनाया जा रहा है, जिसका असर बाजारों में साफ तौर पर दिखाई दिया। शुभ मुहूर्त और दो दिवसीय पर्व होने के कारण ग्राहकों ने खरीदारी का भरपूर लाभ उठाया। खासकर विवाह सीजन को देखते हुए लोग पहले से ही तैयारी में जुटे हुए थे। दुकान के प्रोप्राइटर अशोक कुमार सर्राफ ने बताया कि अक्षय तृतीया और आगामी शादी-ब्याह के सीजन को ध्यान में रखते हुए इस बार ग्राहकों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कई ग्राहकों ने पहले ही एडवांस राशि देकर अपनी पसंद के आभूषण बुक कर लिए थे, जो अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर आकर अपने जेवर प्राप्त करते दिखे। उन्होंने बताया कि ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इस मौके पर डायमंड ज्वेलरी पर लगे हीरों के मूल्य पर 25% तक का विशेष डिस्काउंट दिया जा रहा है, जो बाजार में एक बेहतरीन ऑफर माना जा रहा है। इस ऑफर का लाभ 15 मई तक ग्राहक उठा सकते है जिसको लेकर बड़ी संख्या में ग्राहक दुकान पर पहुंचे।

 

आधुनिक डिजाइन और विविधता ने खींचा ध्यान
दुकान में हर आयु वर्ग और हर अवसर के अनुसार आधुनिक और पारंपरिक डिजाइन के आभूषण उपलब्ध हैं। यहां सोने और चांदी के आकर्षक जेवरों के साथ-साथ 92.5 शुद्धता वाले चांदी के फैंसी आभूषण, बर्तन, पूजा की मूर्तियां और उपहार सामग्री भी उपलब्ध हैं। यही वजह रही कि ग्राहक न केवल अपने लिए बल्कि उपहार स्वरूप भी खरीदारी करते नजर आए।

धार्मिक आस्था और परंपरा का संगम
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सोना-चांदी खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का वास होता है। यही कारण है कि इस दिन लोग विशेष रूप से आभूषणों की खरीदारी को प्राथमिकता देते हैं। अक्षय तृतीया के इस अवसर पर जहां एक ओर ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के लिए भी यह पर्व काफी लाभदायक साबित हुआ। बाजार में बढ़ती भीड़ और बिक्री ने स्थानीय व्यापार को नई ऊर्जा दी है।

 

 

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