“प्रवेश से प्रगति तक” थीम पर मध्य विद्यालय नदाँव में भव्य संगोष्ठी, छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित
अभिभावकों की बड़ी भागीदारी, प्रगति पत्र वितरण के साथ उत्कृष्ट उपस्थिति और शैक्षणिक उपलब्धि पर बच्चों को मिला पौधा, पेन, मेडल व प्रमाणपत्र


न्यूज़ विजन | बक्सर
सोमवार को मध्य विद्यालय नदाँव में “प्रवेश से प्रगति तक – विद्यालय और अभिभावक साथ-साथ” थीम पर छात्र-शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति ने विद्यालय और परिवार के बीच मजबूत समन्वय का संदेश दिया।
इस अवसर पर अभिभावकों ने अपने बच्चों का प्रगति पत्र देखा और उनके शैक्षणिक व सर्वांगीण विकास की जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रबंधन की ओर से बच्चों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया, जिसमें नियमित उपस्थिति रखने वाले तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पौधा, पेन, मेडल, प्रगति पत्र और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से कक्षा 6 के टॉप 10 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इस पहल से बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में खुशी और गर्व का माहौल बना रहा।
संगोष्ठी में उपस्थित अभिभावकों से संवाद करते हुए शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई और दैनिक उपस्थिति को लेकर महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जैसे—क्या बच्चा प्रतिदिन विद्यालय आने के लिए उत्साहित रहता है, और क्या वह पढ़ाई-लिखाई में रुचि लेता है। इस संवाद के माध्यम से अभिभावकों को भी बच्चों के विकास में अपनी भूमिका को और बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में रूपा कुमार, बाबूलाल सिंह, प्रियंका देवी (सत्यम की माता), अमन कुमार सहित कई अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया।
इस आयोजन का नेतृत्व प्रधानाध्यापक डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह ने किया। उनके साथ वर्ग शिक्षिका प्रीति कुमारी, शिक्षक सत्यनारायण सिंह, जयप्रकाश सिंह, अनंत कुमार, रागिनी गुप्ता, नसर आलम हाशमी सहित विद्यालय के सभी शिक्षकों ने बच्चों को अपने हाथों से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कुल मिलाकर, यह संगोष्ठी विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देने में सफल रही।





