बक्सर की बेटियों की उड़ान : पिता के संघर्ष और सपनों ने दिलाया टॉप-10 में मुकाम
साधारण परिवारों की बेटियों ने असाधारण सफलता रच दी—किसी के पिता जूस बेचते हैं तो कोई करता है डेकोरेशन का काम, मेहनत और हौसले से बक्सर का नाम रोशन


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा परिणाम 2026 में बक्सर जिले की बेटियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। इस वर्ष राज्य स्तर के टॉप-10 में जिले से अधिकतर छात्राएं शामिल रहीं, जिनकी सफलता के पीछे उनके माता-पिता का संघर्ष, त्याग और सहयोग साफ झलकता है।
उच्च माध्यमिक विद्यालय, अकबरपुर की ईशा कुमारी ने 484 अंक (96.8%) हासिल कर राज्य में सातवां स्थान प्राप्त किया। वहीं गणपत चकनी हाई स्कूल की लक्ष्मी कुमारी ने 483 अंक (96.6%) लाकर राज्य में आठवां स्थान प्राप्त किया। इसी कड़ी में एसएस गर्ल्स हाई स्कूल, बक्सर की मुस्कान कुमारी ने भी 483 अंक (96.6%) हासिल कर राज्य में आठवां स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया। गर्ल्स हाई स्कूल, चौसा की सिमरन कुमारी ने 482 अंक (96.4%) प्राप्त कर राज्य में नौवां स्थान हासिल किया। सिमरन की सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष और सहयोग बड़ी भूमिका निभाता है। उनके चाचा हरेंद्र माली के अनुसार, परिवार संयुक्त है और स्टेज डेकोरेशन का काम करता है। सिमरन आठ भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनके बड़े भाई सोनू माली डेकोरेशन के साथ जनरल स्टोर भी चलाते हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सिमरन ने स्कूल के साथ ट्यूशन और ऑनलाइन पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता से पूरा परिवार गदगद है। वार्ड पार्षद चंदन चौधरी ने भी उनके घर पहुंचकर बधाई दी।
इसी तरह उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भोजपुर कदीम की पूजा कुमारी ने 481 अंक (96.2%) लाकर राज्य में दसवां स्थान प्राप्त किया। उनके पिता बीरबल चौधरी गन्ने का जूस बेचते हैं और माता गृहिणी हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद पूजा ने अपनी लगन से यह सफलता हासिल की। वहीं हाई स्कूल महदह के छात्र अरुण रजक ने भी 481 अंक (96.02%) प्राप्त कर राज्य में दसवां स्थान हासिल किया और जिले को गौरवान्वित किया। इन सभी मेधावी छात्र-छात्राओं की सफलता पर उनके परिजनों, अभिभावकों और गुरुजनों में खुशी की लहर है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। बक्सर की बेटियों की यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व की बात है, जो यह संदेश देती है कि यदि परिवार का साथ और खुद पर विश्वास हो, तो हर सपना साकार किया जा सकता है।
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