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रामरेखा घाट स्थित श्री रामेश्वर नाथ मंदिर को मिलेगा नया स्वरूप

अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक, नई कमेटी गठन व विकास योजनाओं पर बनी सहमति

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर अविनाश कुमार के कार्यालय कक्ष में रामरेखा घाट स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के केंद्र श्री रामेश्वर नाथ मंदिर के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वयं अनुमंडल पदाधिकारी ने की, जिसमें मंदिर समिति के सदस्य एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

 

बैठक के दौरान श्री रामेश्वर नाथ मंदिर के समग्र विकास को लेकर वृहत एवं बिंदुवार चर्चा की गई। मंदिर समिति के गणमान्य सदस्यों ने बताया कि किस प्रकार बीते 15 से 20 वर्षों में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय सहयोग से मंदिर का निरंतर विकास हुआ और आज यह अपने वर्तमान भव्य स्वरूप में स्थापित है। अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार ने मंदिर समिति के सदस्यों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शीघ्र ही नई मंदिर कमेटी का गठन किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों को और अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर के विकास के लिए अग्रेतर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

 

बैठक में एक महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में श्री रामेश्वर नाथ मंदिर को रामायण सर्किट एवं बुद्ध सर्किट से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस पहल से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बक्सर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान भी मिल सकती है। अनुमंडल पदाधिकारी ने जानकारी दी कि रामरेखा घाट के समग्र विकास को लेकर केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के स्तर पर बड़ी और महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रस्तावित हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से घाट, मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी।

बैठक के अंत में मंदिर समिति के सदस्यों ने प्रशासन के इस सकारात्मक रुख पर संतोष जताते हुए सहयोग का भरोसा दिलाया। धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से यह बैठक श्री रामेश्वर नाथ मंदिर और रामरेखा घाट के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है। बैठक में विनय कुमार, सुरेश संगम, हरिशंकर गुप्ता, नंदकुमार तिवारी, विनोद कुमार माली समेत अन्य शामिल रहे।

 

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