वरीय अधिवक्ता प्रेम कुमार ओझा के निधन पर 9 अक्टूबर को न्यायिक कार्य से अलग रहेंगे अधिवक्ता
जिला अधिवक्ता संघ ने जताया गहरा शोक, 4 अक्टूबर को हुआ निधन; 1980 से व्यवहार न्यायालय में दे रहे थे सेवाएं
न्यूज विज़न। बक्सर
बक्सर व्यवहार न्यायालय के वरीय अधिवक्ता प्रेम कुमार ओझा के निधन से जिला अधिवक्ता संघ में शोक की लहर है। उनके निधन पर जिला अधिवक्ता संघ, बक्सर के सदस्यों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की है। जिला अधिवक्ता संघ ने निर्णय लिया है कि 9 अक्टूबर को संघ के सभी सदस्य अपने को सभी न्यायालयों के न्यायिक कार्यों से अलग रखेंगे।
जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव बिंदेश्वरी पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने बताया कि वरीय अधिवक्ता प्रेम कुमार ओझा का निधन 4 अक्टूबर को हुआ। उनके निधन की सूचना से अधिवक्ता समुदाय में शोक व्याप्त है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय ओझा लंबे समय तक न्याय के क्षेत्र से जुड़े रहे और अपने व्यवहार, कार्यशैली तथा न्यायिक समझ के कारण अधिवक्ता समुदाय में विशिष्ट पहचान बनाई थी।
प्रेम कुमार ओझा मूल रूप से बक्सर जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के महिला गांव के निवासी थे। उनका जन्म 8 जनवरी 1958 को हुआ था। उन्होंने 1 अक्टूबर 1980 को व्यवहार न्यायालय, बक्सर में योगदान दिया था। इसके बाद से उन्होंने न्याय के क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और विधिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित की।
बताया गया कि स्वर्गीय प्रेम कुमार ओझा मृदुभाषी, मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। साथी अधिवक्ताओं एवं न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच उनका व्यवहार सदैव सौहार्दपूर्ण रहा। उनके व्यक्तित्व और अनुभव का लाभ अधिवक्ता समुदाय को लंबे समय तक मिलता रहा।
स्वर्गीय ओझा के परिवार में एक पुत्र एवं एक पुत्री हैं, दोनों का विवाह हो चुका है। उनके निधन से परिजनों, शुभचिंतकों और अधिवक्ता समुदाय में गहरा शोक है।
जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव बिंदेश्वरी पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने कहा कि प्रेम कुमार ओझा का निधन अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान और न्याय के क्षेत्र में बनाई गई पहचान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
इसी क्रम में जिला अधिवक्ता संघ ने दिवंगत अधिवक्ता के प्रति सम्मान एवं शोक संवेदना व्यक्त करते हुए 9 अक्टूबर को सभी न्यायालयों के कार्यों से स्वयं को अलग रखने का निर्णय लिया है।




