नवरात्रि पर बक्सर में सजेगा चैतन्य देवियों का दरबार, 17 से 20 अक्टूबर तक श्रद्धालु कर सकेंगे जीवंत देवियों के दर्शन
एम्बेसडर होटल के बाहर लगेगी आध्यात्मिक झांकी, शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक रहेगा दर्शन का अवसर; ब्रह्माकुमारीज़ बक्सर ने श्रद्धालुओं से पहुंचने की अपील की

न्यूज विज़न। बक्सर
नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, बक्सर (डिफेंस कॉलोनी, बाबानगर) की ओर से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विशेष आध्यात्मिक एवं आकर्षक चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन किया जा रहा है। बक्सर के गोलंबर मार्ग स्थित एम्बेसडर होटल के बाहर आयोजित होने वाली यह झांकी श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है।
आयोजकों के अनुसार, यह विशेष झांकी 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगी। इन चार दिनों में सप्तमी, दुर्गाष्टमी, महानवमी और विजयदशमी के अवसर पर श्रद्धालु प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक चैतन्य देवियों के दर्शन कर सकेंगे।
इस झांकी की सबसे खास विशेषता यह है कि यहां केवल देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित नहीं की जातीं, बल्कि जीवंत स्वरूप में देवियों को विराजमान किया जाता है। आध्यात्मिक वातावरण में सुसज्जित चैतन्य देवियों के विभिन्न स्वरूप श्रद्धालुओं को वास्तविक एवं जीवंत अनुभूति कराते हैं। यही विशेषता इस आयोजन को अन्य झांकियों से अलग और आकर्षक बनाती है।
नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मनोहारी झांकी को देखने के लिए बक्सर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी पहुंचते हैं। भव्य सजावट, आध्यात्मिक वातावरण और चैतन्य देवियों के जीवंत स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। यहां पहुंचने वाले लोगों को धार्मिक आस्था के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराने का प्रयास किया जाता है।
ब्रह्माकुमारीज़ बक्सर की संचालिका ब्रह्माकुमारी रानी दीदी जी ने बक्सरवासियों से इस पुनीत अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इस पावन अवसर पर बक्सर के सभी भाई-बहन चैतन्य देवियों के दर्शन के लिए अवश्य पहुंचें और मां के विभिन्न दिव्य एवं जीवंत स्वरूपों का अनुभव करें।
उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मां की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे और सभी के जीवन में खुशी, शांति एवं समृद्धि का संचार हो।
आयोजकों ने बक्सर के सभी श्रद्धालुओं एवं सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार के साथ इस आध्यात्मिक आयोजन में पहुंचकर चैतन्य देवियों के दिव्य स्वरूप का दर्शन करें और नवरात्रि के इस पावन अवसर को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ सार्थक बनाएं।




