बक्सर में वन्यजीव संरक्षण की मिसाल: अधिवक्ता पंकज कुमार के परिवार ने वन विभाग को सौंपा भारतीय फ्लैपशेल कछुआ
कोइरपुरवा स्थित आवास पर पहुंची वन विभाग की टीम, सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया कछुआ; परिवार ने आम लोगों से वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की

न्यूज विज़न। बक्सर
जिले के नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत कोइरपुरवा में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ा एक सराहनीय मामला सामने आया है। यहां अधिवक्ता पंकज कुमार, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, उनकी पत्नी श्रीमती बंदना सिंह तथा उनके भाई श्री पवन कुमार, जो UPSC अभ्यर्थी हैं, ने अपने घर पर मौजूद एक भारतीय फ्लैपशेल कछुए (Indian Flapshell Turtle) को वन विभाग के अधिकारियों को सौंपकर वन्यजीव संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वन विभाग के अधिकारी कोइरपुरवा स्थित अधिवक्ता पंकज कुमार के आवास पर पहुंचे, जहां परिवार ने कछुए को सुरक्षित तरीके से वन विभाग के सुपुर्द किया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए कछुए को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। कछुए को प्राकृतिक वातावरण में छोड़े जाने से संबंधित वीडियो भी वन विभाग की ओर से परिवार को उपलब्ध कराया गया, जिससे परिवार ने संतोष व्यक्त किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता पंकज कुमार ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और वन्यजीव हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा हैं। यदि कोई वन्यजीव किसी व्यक्ति के घर या आसपास पहुंच जाए अथवा संकट में दिखाई दे, तो उसे स्वयं किसी अनजान स्थान पर छोड़ने के बजाय संबंधित वन विभाग को सूचना देनी चाहिए, ताकि उसकी सुरक्षा और उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कछुए को अपने संरक्षण में लिया और उसे सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की। पूरी प्रक्रिया का वीडियो उपलब्ध कराए जाने को उन्होंने परिवार के लिए संतोषजनक बताया।
वहीं, बंदना सिंह और पवन कुमार ने भी वन्यजीव संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को पशु-पक्षियों और अन्य जीवों के प्रति संवेदनशीलता रखनी चाहिए तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
परिवार ने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं कछुआ अथवा कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित वन विभाग या अधिकृत वन्यजीव बचाव दल से संपर्क करें। वन्यजीवों को अनजान स्थानों पर छोड़ना उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ही आवश्यक कदम उठाना चाहिए।
यह पूरा मामला नागरिक सहभागिता और वन विभाग के सहयोग से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।
मुख्य संदेश: “वन्यजीवों की रक्षा, प्रकृति का सम्मान और पर्यावरण संरक्षण—यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”




