रील बनाने के दौरान ठोरा नदी में डूबे तीन किशोर, हुयी मौत, गांव में पसरा मातम
चार दोस्त नहाने गए थे नदी, तीन गहरे पानी में समाए; एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाले गए शव, सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के इटाढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सरसती गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। ठोरा नदी में नहाने गए चार दोस्तों में से तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी किशोर परिजनों को बिना बताए गांव के समीप स्थित नदी में स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान रील बनाने के प्रयास में तीनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए।
घटना के समय उनके साथ मौजूद चौथे दोस्त कल्याण शर्मा ने बताया कि उसके तीनों साथी एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी में नहा रहे थे। अचानक वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। कल्याण ने बताया कि उसे तैरना नहीं आता था, इसलिए वह उन्हें बचा नहीं सका। उसने पहले आसपास लोगों को आवाज लगाई, लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद वह दौड़कर गांव पहुंचा और परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव के लोग और परिजन नदी किनारे पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल सदर अस्पताल बक्सर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान सरसती डेरा निवासी शमर कुमार शर्मा (13 वर्ष), पिता रत्नेश कुमार शर्मा, के रूप में हुई है। वह दो भाइयों में बड़ा था और छठी कक्षा का छात्र था। उसके पिता बाइक मैकेनिक का कार्य करते हैं। दूसरे मृतक की पहचान कृष्णा कुमार राम (15 वर्ष) के रूप में हुई है। वह पांच भाइयों में सबसे छोटा था और नौवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता स्वर्गीय सुरेंद्र प्रसाद राम पूर्व में इटाढ़ी अंचल कार्यालय में चालक के पद पर कार्यरत थे।तीसरे मृतक धर्मवीर कुमार (14 वर्ष), पिता धमेंद्र यादव, थे। उनके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
इटाढ़ी थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने बताया कि सभी बच्चे नदी में नहाने गए थे। तीनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना के बाद पूरे सरसती गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को सरकारी मुआवजा एवं हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर नदी और तालाबों में बिना सुरक्षा व्यवस्था के स्नान करने तथा रील बनाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।





