इटाढ़ी रेल गुमटी खोलने की मांग को लेकर रेल चक्का जाम, डीआरएम से वार्ता के बाद 7 दिन का मिला समय
दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा और कांग्रेस के संयुक्त नेतृत्व में हुआ रेल चक्का जाम, आश्वासन के बाद हटे आंदोलनकारी; मांग पूरी नहीं होने पर आठवें दिन से फिर आंदोलन की चेतावनी


न्यूज विज़न। बक्सर
इटाढ़ी रेल गुमटी को खोले जाने की मांग को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले रेलवे ट्रैक पर रेल चक्का जाम एवं प्रदर्शन किया गया। आंदोलन का नेतृत्व मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर तथा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन को सक्रिय समर्थन दिया।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठ गए, जिससे लगभग आधे घंटे तक रेल परिचालन प्रभावित रहा। इस दौरान कई ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ। आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया गया।
आंदोलन के बीच दानापुर मंडल मुख्यालय, पटना के सीनियर एसएसपी भास्कर रंजन द्वारा डीआरएम से वार्ता की गई। वार्ता के बाद रेलवे प्रशासन की ओर से मांगों पर विचार के लिए एक सप्ताह का समय देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक खाली कर दिया और फिलहाल अनिश्चितकालीन धरना सात दिनों के लिए स्थगित कर दिया।
जिला संयोजक सरोज राजभर ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया गया। उन्होंने बताया कि रेलवे प्रशासन द्वारा सात दिनों का समय मांगा गया है। यदि निर्धारित अवधि में इटाढ़ी रेल गुमटी खोलने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो आठवें दिन से आंदोलन और धरना पुनः शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रेल रुको अभियान पूरी तरह सफल रहा। आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से रेलवे ट्रैक पर बैठकर अपनी मांगों को बुलंद किया, जिससे रेलवे प्रशासन को वार्ता के लिए आगे आना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जनता की वर्षों पुरानी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा।
इस आंदोलन को सफल बनाने में मोर्चा के रमाकांत चंद्रवंशी, मीडिया प्रभारी राम इकबाल ठाकुर, लाल बिहारी पाल, महिला नेत्री कृष्णावती देवी, अजीत राम, अमित मिश्रा, पूर्व जिला परिषद सदस्य बीरबल रजक, प्रेम भूषण उपाध्याय, रमन राजभर, चंदन गुप्ता, राष्ट्रपति राजभर, मदन प्रसाद, अरविंद कुमार, जितेंद्र ठाकुर, राजेश कुमार राज, जितेंद्र कुमार, अजय आजाद, रीमा देवी, अंगूरा देवी, धर्मावती देवी, संतरा देवी, मंतोष कुमार, विनोद ठाकुर, मिथिलेश राजभर, दिनानाथ ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो इटाढ़ी रेल गुमटी को लेकर संघर्ष और तेज किया जाएगा।





