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जिस प्रार्थना सभा में कभी छात्र बनकर खड़े होते थे, वहीं आज फ्लाइंग ऑफिसर बनकर लौटे रौशन कुमार

फाउंडेशन स्कूल में पूर्व छात्र का भव्य स्वागत, सफलता की कहानी सुनाकर विद्यार्थियों को किया प्रेरित; परिजनों की आंखों में छलके गर्व और खुशी के आंसू

न्यूज़ विज़न।  बक्सर 
गुरुदास मठिया स्थित फाउंडेशन स्कूल की प्रार्थना सभा बुधवार को उस समय गौरवपूर्ण और भावुक क्षणों की साक्षी बनी, जब विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र रौशन कुमार भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में अपनी प्रशिक्षण अवधि पूर्ण करने के बाद पहली बार अपने विद्यालय पहुंचे। उनके आगमन पर विद्यालय परिवार ने रौशन कुमार के साथ पहुंचे उनके परिजनों का भी भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया।

 

सुबह की प्रार्थना सभा का माहौल रोज की अपेक्षा बिल्कुल अलग नजर आया। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने पूर्व छात्र की एक झलक पाने और उसका स्वागत करने के लिए उत्साहित दिखाई दे रहे थे। जैसे ही फ्लाइंग ऑफिसर रौशन कुमार विद्यालय परिसर में पहुंचे, पूरा वातावरण गर्व, उत्साह और भावनाओं से भर गया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

 

कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति को बताया सफलता का मंत्र

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए फ्लाइंग ऑफिसर रौशन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम, Determination, Dedication और दृढ़ इच्छाशक्ति को दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहना और निरंतर मेहनत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने शिक्षकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनें और उनके मार्गदर्शन को जीवन में अपनाएं। विशेष रूप से सेना में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासित तरीके से तैयारी करने की सलाह दी।

“कभी इसी प्रार्थना सभा में कतार में खड़ा होता था”

अपने विद्यालय जीवन को याद करते हुए फ्लाइंग ऑफिसर रौशन कुमार भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि कभी वे भी इसी प्रार्थना सभा में अन्य विद्यार्थियों के साथ कतार में खड़े होते थे। आज उसी विद्यालय में भारतीय वायु सेना के अधिकारी के रूप में सम्मानित होना उनके लिए बेहद गर्व और भावुकता का क्षण है। उनकी इस बात ने विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी भावुक कर दिया। विद्यार्थियों के लिए उनका विद्यालय लौटना सफलता और सपनों को साकार करने की प्रेरणादायक मिसाल बन गया।

2014 बैच के मेधावी और अनुशासित छात्र रहे हैं रौशन

विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने बताया कि रौशन कुमार वर्ष 2014 बैच के विद्यार्थी रहे हैं। विद्यार्थी जीवन से ही वे मेधावी, अनुशासित और प्रतिभाशाली छात्र थे। विद्यालयी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और आगे चलकर Air Force Common Admission Test (AFCAT) के माध्यम से भारतीय वायु सेना में चयनित हुए। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में अपने विद्यालय लौटना पूरे फाउंडेशन स्कूल परिवार के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।

“विद्यालय में बोया संस्कार का बीज विशाल वृक्ष बनता है”

प्राचार्य मनोज कुमार त्रिगुण ने कहा कि यह विद्यालय के लिए गर्व का क्षण है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले पूर्व विद्यार्थी आज भारतीय सशस्त्र सेनाओं के महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर असीम संभावनाएं होती हैं। आवश्यकता उन संभावनाओं को जानने, पहचानने और निखारने की है। विद्यालय जीवन में प्रतिभा और संस्कार का जो बीज बोया जाता है, वह समय के साथ अंकुरित होकर एक विशाल वृक्ष का रूप लेता है।

सेना में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों से किया विशेष संवाद

इस अवसर पर फ्लाइंग ऑफिसर रौशन कुमार ने विद्यालय के उन विद्यार्थियों से विशेष संवाद किया, जो भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सेना में उपलब्ध विभिन्न करियर अवसरों, चयन प्रक्रिया और तैयारी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने भी उत्सुकता के साथ उनसे सवाल पूछे और सेना में करियर को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

वर्दी में बेटे-पोते को सम्मानित होते देख भावुक हुए परिजन

फ्लाइंग ऑफिसर रौशन कुमार के साथ उनके माता-पिता, दादा-दादी, चाचा एवं चाची भी विद्यालय पहुंचे। अपने बेटे और पोते को भारतीय वायु सेना की वर्दी में विद्यालय में सम्मानित होते देखकर परिजन भावुक एवं गौरवान्वित नजर आए। विद्यालय परिवार की ओर से रौशन कुमार और उनके परिजनों का सम्मान किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में गर्व और खुशी का माहौल बना रहा।

पूर्व छात्रों की सफलता ही विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि

विद्यालय परिवार ने कहा कि रौशन कुमार की उपलब्धि फाउंडेशन स्कूल की उस गौरवशाली परंपरा का प्रमाण है, जिसमें यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। विद्यालय के पूर्ववर्ती विद्यार्थियों की सफलता वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। रौशन कुमार का फ्लाइंग ऑफिसर बनकर उसी विद्यालय में लौटना न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और सफलता की कहानी है, बल्कि यह शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सही मार्गदर्शन की शक्ति का जीवंत उदाहरण भी है।

 

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