शहर को मिलेगा नया लुक, फुटपाथ दुकानदारों को मिलेगा व्यवस्थित ठिकाना
नगर परिषद की महत्वाकांक्षी योजना पर तेज हुई तैयारी, स्टेशन रोड समेत प्रमुख इलाकों का सर्वे शुरू; 10×8 के आइडियल साइज में बनेंगी प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें


न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर को अतिक्रमणमुक्त, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के साथ-साथ फुटपाथ दुकानदारों एवं छोटे व्यवसायियों को स्थायी और व्यवस्थित रोजगार स्थल उपलब्ध कराने की दिशा में नगर परिषद ने एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। बड़े शहरों की तर्ज पर अब शहर में भी एक समान डिजाइन वाली प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों का निर्माण कर उनका व्यवस्थित तरीके से आवंटन करने की तैयारी है।
नगर परिषद की इस पहल से जहां छोटे दुकानदारों और युवाओं को रोजगार का बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद के राजस्व में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही सड़कों और फुटपाथों पर लगातार बढ़ रहे अवैध अतिक्रमण पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण लगाने में भी मदद मिलेगी।
प्रमुख सड़कों का अधिकारियों ने किया जायजा
योजना को धरातल पर उतारने के लिए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक, स्वच्छता पदाधिकारी रवि कुमार सिंह, टाउन प्लानर वंदना तिवारी, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि नियमतुल्लाह फरीदी, पार्षद राजू राय एवं पार्षद प्रतिनिधि मिथिलेश सिंह ने शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया। टीम ने स्टेशन रोड, जेल पइन रोड और न्यायिक पदाधिकारी आवास रोड का जायजा लेकर दुकानों के लिए संभावित स्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार शहर के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी सर्वेक्षण किया जाएगा, ताकि पूरे शहर के लिए व्यवस्थित योजना तैयार की जा सके।
सड़क की चौड़ाई के अनुसार तय होगी दुकानों की जगह
नगर परिषद की योजना के तहत पहले प्रत्येक चयनित क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसमें यह जानकारी जुटाई जाएगी कि संबंधित क्षेत्र में वर्तमान में कुल कितनी दुकानें संचालित हो रही हैं और वहां किस प्रकार की दुकानें मौजूद हैं। इसके अलावा सड़क की लंबाई और चौड़ाई, उपलब्ध जगह तथा यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह तय किया जाएगा कि दुकानों के लिए कितनी जगह उपलब्ध कराई जा सकती है। दुकानों की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थान का चयन अमीन द्वारा किया जाएगा। सड़क की लंबाई-चौड़ाई और सर्वेक्षण से जुड़े कार्य की जिम्मेदारी नगर प्रबंधक नीरज झा एवं सहायक रोहित कुमार को सौंपी गई है।
10×8 होगा दुकानों का आइडियल साइज
टाउन प्लानर वंदना तिवारी ने बताया कि योजना के तहत दुकानों का आइडियल साइज 10×8 फीट रखने की परिकल्पना की गई है। हालांकि, स्थल की उपलब्धता और सड़क की स्थिति के अनुसार दुकान की चौड़ाई में आवश्यकता के मुताबिक कमी या बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य केवल दुकानें उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि पूरे बाजार क्षेत्र को एक व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देना है। चयनित क्षेत्रों में नगर परिषद की ओर से दुकानें आवंटित किए जाने के बाद संबंधित मार्केट का नामकरण भी किया जाएगा।
आधुनिक स्ट्रीट लाइट से सजेंगे बाजार
योजना के तहत दुकानों को एक समान डिजाइन में तैयार करने के साथ पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। बाजार क्षेत्र में आधुनिक स्ट्रीट लाइट समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे रात के समय भी बाजार क्षेत्र आकर्षक और रोशन नजर आएगा। इस पूरी योजना के तकनीकी एवं स्थापत्य पहलुओं को मजबूत बनाने के लिए वास्तुविद अनमोल रतन एवं टाउन प्लानर वंदना तिवारी संयुक्त रूप से इसकी रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।
हर दुकान पर होगा डस्टबिन, कचरा प्रबंधन होगा आसान
नगर परिषद ने इस योजना में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को भी प्रमुखता दी है। टाउन प्लानर वंदना तिवारी के अनुसार प्रत्येक दुकान पर डस्टबिन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे दुकानदारों को कचरा सड़क पर फेंकने की जरूरत नहीं होगी और सफाई मित्र आसानी से दुकानों से कचरे का उठाव कर सकेंगे। नगर परिषद का मानना है कि इससे बाजार क्षेत्रों में साफ-सफाई बेहतर होगी और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
खाका तैयार होते ही शुरू होगा दुकानों का आवंटन
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक के विजन को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। टाउन प्लानर वंदना तिवारी ने बताया कि यह योजना नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के दूरदर्शी दृष्टिकोण का परिणाम है। विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे पूरा होने और तकनीकी रूपरेखा तैयार होने के बाद दुकानों की संख्या, स्थान, आकार और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अंतिम निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नगर परिषद की यह पहल सफल होती है तो शहर में फुटपाथ पर बिखरी दुकानों को एक व्यवस्थित बाजार का स्वरूप मिलने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, अतिक्रमण नियंत्रण और नगर परिषद के राजस्व—चारों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।





