सावन की अंतिम सोमवारी पर हेरिटेज स्कूल में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
विद्यार्थियों ने लिया जल बचाने, पौधे लगाने और सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाने का प्रण, एक मिनट के मौन-ध्यान से महसूस किया प्रकृति और ऑक्सीजन का महत्व


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर 24 अगस्त को हेरिटेज स्कूल, बक्सर के प्रांगण में विद्यार्थियों को पर्यावरण सुरक्षा, जल संरक्षण एवं हरियाली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष पर्यावरण एवं जल संरक्षण संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने एक साथ पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए प्रकृति को सुरक्षित रखने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे पानी की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करेंगे और जल को अनावश्यक रूप से व्यर्थ नहीं बहने देंगे। इसके साथ ही सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधा लगाने तथा उसे पेड़ बनने तक नियमित रूप से उसकी देखभाल करने का प्रण लिया।
स्वच्छता और हरियाली का भी लिया संकल्प
विद्यार्थियों ने अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कचरे को निर्धारित कूड़ेदान में डालने तथा पेड़-पौधों को अनावश्यक नुकसान नहीं पहुंचाने का भी संकल्प लिया। बच्चों को समझाया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल, वायु, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पेड़-पौधों के महत्व की जानकारी देते हुए बताया गया कि वृक्ष वातावरण में ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ वायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ धरती को हरा-भरा बनाने के साथ ही मानव जीवन के लिए आवश्यक प्राकृतिक संतुलन को कायम रखने में भी अहम योगदान देते हैं।
एक मिनट के मौन-ध्यान से प्रकृति के प्रति जुड़ाव
संकल्प कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों ने एक मिनट का मौन एवं ध्यान रखा। इस दौरान बच्चों ने प्रकृति, वृक्षों और उनसे मिलने वाली जीवनदायिनी ऑक्सीजन के महत्व को महसूस किया। मौन-ध्यान के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए उसके संरक्षण का संकल्प दोहराया। विद्यालय प्रबंधन की ओर से कहा गया कि बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना विकसित करना आज की आवश्यकता है। यदि प्रत्येक बच्चा अपने स्तर पर जल, वृक्ष और प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेकर उसे अपने दैनिक व्यवहार में उतारे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक सदस्य का सामूहिक दायित्व है। छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा—“जल बचाएँ, पेड़ लगाएँ और प्रकृति को सुरक्षित बनाएँ—यही मानव जीवन एवं समाज की सुरक्षा का आधार है।”





