सावन के रंग में रंगा किड्स इंडिया प्ले स्कूल, नन्हे-मुन्नों ने जमकर किया धमाल
हरे परिधानों में सजे बच्चों ने लगाए भोलेनाथ के जयकारे, सावन गीतों पर थिरके नन्हे कदम; झूले का भी लिया भरपूर आनंद


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सावन का महीना आते ही चारों ओर भक्ति, उमंग और हरियाली का रंग देखने को मिल रहा है। बड़े ही नहीं, बल्कि नन्हे-मुन्ने बच्चे भी सावन के उत्सव का खूब आनंद उठा रहे हैं। सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर शहर के कलेक्ट्रेट रोड स्थित किड्स इंडिया प्ले स्कूल में बच्चों के लिए विशेष सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव के दौरान विद्यालय परिसर पूरी तरह सावन के रंग में रंगा नजर आया।
सावन महोत्सव को लेकर विद्यालय के सभी बच्चे-बच्चियां हरे रंग के आकर्षक परिधानों में सजकर स्कूल पहुंचे। हरे कपड़ों में सजे नन्हे-मुन्नों की मासूमियत और उत्साह देखते ही बन रहा था। विद्यालय परिसर में सावन गीतों और भगवान शिव के भजनों की गूंज के बीच बच्चों ने जमकर मस्ती की और नृत्य कर अपनी खुशी का इजहार किया। इस दौरान बच्चों ने ‘बोल बम का नारा बा, बाबा एक…’, ‘चक धूम-चक धूम’, ‘जय जय शिव शंकर’, ‘ओम नमः शिवाय’ और ‘सावन आया’ जैसे गीतों पर जमकर डांस किया। बच्चों के उत्साह और उनकी मनमोहक प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर भक्तिमय होने के साथ-साथ उत्सव के रंग में सराबोर हो गया। बच्चों ने एक-दूसरे के साथ सावन महोत्सव का खूब आनंद लिया। महोत्सव के दौरान विद्यालय परिसर में विशेष रूप से तैयार किए गए सावन झूले बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहे। बारी-बारी से सभी बच्चों ने झूले का आनंद लिया और जमकर मस्ती की। बच्चों की खिलखिलाहट और उत्साह से पूरा विद्यालय परिसर गूंजता रहा।
सावन हरियाली और प्रकृति का प्रतीक : आलोक कुमार
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक आलोक कुमार ने बच्चों को सावन महीने के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सावन हरियाली और प्रकृति के सौंदर्य का प्रतीक है। इस महीने में चारों ओर खेत-खलिहानों और पेड़-पौधों में हरियाली दिखाई देती है। भगवान शिव को हरियाली और प्रकृति से विशेष प्रेम माना जाता है। सावन का महीना हमें प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति प्रेम का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को भारतीय पर्व-त्योहारों और उनकी सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचपन से ही समझ सकें। ऐसे आयोजनों से बच्चों में उत्साह के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव भी बढ़ता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की संस्थापक मंजू बाला सहित शिक्षिकाएं नंदनी कुमारी, राजनंदनी, सलोनी कुमारी, नीतू सिन्हा और जोया अहमद समेत विद्यालय के सभी बच्चे-बच्चियां मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला और सावन महोत्सव हंसी-खुशी एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ।





