दशहरा से पहले बक्सर की सड़कों पर सख्ती, 452 वाहनों का चालान, 28.47 लाख रुपये जुर्माना अधिरोपित
सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग का विशेष अभियान जारी, हेलमेट-सीट बेल्ट से लेकर ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर पैनी नजर; 28 अक्टूबर तक चलेगा जांच अभियान

न्यूज़ विज़न। बक्सर
आगामी दशहरा एवं अन्य त्योहारों के दौरान जिले में शांतिपूर्ण माहौल, सुगम यातायात और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला पदाधिकारी, बक्सर के सख्त निर्देशों के आलोक में जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए विशेष जांच अभियान के तहत 13 अक्टूबर तक कुल 452 वाहनों के चालान निर्गत किए गए हैं। इन वाहनों से कुल 28 लाख 47 हजार 300 रुपये की जुर्माना राशि अधिरोपित की गई है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण को लेकर यह विशेष अभियान 28 अक्टूबर 2026 तक लगातार जारी रहेगा।
हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर विशेष जोर
त्योहारों के दौरान बाजारों, पूजा स्थलों और प्रमुख सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए विभाग द्वारा वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। दोपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील की जा रही है। वहीं चारपहिया वाहन चालकों एवं यात्रियों से सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने को कहा जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जीवन बचाने वाला सुरक्षा कवच है। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर भी कार्रवाई
अभियान के दौरान मालवाहक एवं व्यावसायिक वाहनों की भी सघन जांच की जा रही है। क्षमता से अधिक सामान लादकर चलने वाले वाहनों, वाहनों की छत पर यात्रियों को बैठाने, तेज रफ्तार तथा लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की स्थिति पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र, बीमा और परमिट समेत आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। विभाग का संदेश स्पष्ट है कि सड़क पर निकलने से पहले वाहन चालक अपने वाहन और दस्तावेजों की वैधता अवश्य सुनिश्चित करें।
जुर्माना नहीं, जीवन रक्षा है अभियान का उद्देश्य
जिला परिवहन पदाधिकारी प्रशांत रमानिया ने कहा कि जिला पदाधिकारी के दिशा-निर्देशों के तहत चलाया जा रहा यह अभियान केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है। इसका प्रमुख उद्देश्य दशहरा एवं त्योहारों के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना और आम जनमानस के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। परिवहन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि त्योहार की खुशी में सड़क सुरक्षा को नजरअंदाज न करें। बाइक चलाते समय हेलमेट पहनें, कार में सीट बेल्ट लगाएं, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, नशे में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। थोड़ी सी सावधानी न केवल चालक बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों का जीवन भी सुरक्षित रख सकती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन कर सुरक्षित त्योहार, सुरक्षित परिवार और सुरक्षित समाज की दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।




