आरटीआई कार्यकर्ता पर हमले और धमकी मामले की जांच की मांग, पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा बोले – ‘सत्ता संरक्षण में फल-फूल रही है अनियमितता’
बक्सर एसपी शुभम आर्य से मिले शिव प्रकाश राय समेत पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, नगर परिषद टैक्स और आरटीआई से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग


न्यूज़ विज़न। बक्सर
नगर परिषद के टैक्स निर्धारण और जमीन रजिस्ट्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगने वाले आरटीआई कार्यकर्ता शिव प्रकाश राय ने शुक्रवार को बक्सर एसपी शुभम आर्य से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान उनके साथ पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा, जिसमें डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, आरटीआई कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता रमेश सिंह, समाजसेवी रामजी सिंह, माले नेता नागेंद्र जी सहित अन्य लोग शामिल थे।
एसपी से मुलाकात के बाद शिव प्रकाश राय ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के टैक्स और जमीन रजिस्ट्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित सूचना मांगने के बाद कुछ लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा कि उनके घर पहुंचकर हमला किया गया तथा पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई। इस संबंध में नगर थाना में आवेदन भी दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। ऐसे में उन्होंने पुलिस अधीक्षक से विशेष टीम गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इस अवसर पर डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा ने कहा कि शिव प्रकाश राय द्वारा सूचना के अधिकार के तहत नगर परिषद के टैक्स संबंधी जानकारी और शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूलों में नामांकन से जुड़ी सूचनाएं मांगी गई थीं। इसी को लेकर उनके साथ यह घटना हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद के टैक्स मामले में कई प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं, जो राजनीतिक संरक्षण के कारण वर्षों से कर जमा नहीं कर रहे हैं। अजीत कुशवाहा ने कहा कि नगर परिषद द्वारा हाल ही में होटल और पेट्रोल पंपों के टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके बाद वर्षों से बकाया कर की वसूली संभव हो सकेगी। उन्होंने दावा किया कि नगर पालिका के पत्राचार में लाखों रुपये के बकाया टैक्स का उल्लेख किया गया है।
पूर्व विधायक ने पत्रकारों को धमकी दिए जाने के मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज के सामने गलत कार्यों को उजागर करने वाले पत्रकारों और आरटीआई कार्यकर्ताओं को धमकाना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। उन्होंने प्रभात खबर के ब्यूरो चीफ मृत्युंजय सिंह द्वारा प्रकाशित खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में कुछ लोगों द्वारा कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं तथा गरीब और आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की।
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