बेटी का हाथ थाम डीएम के पास पहुंचे संतोष, विशाल नीम का पेड़ बचाने की उठाई आवाज
जहाज घाट के वर्षों पुराने हरे-भरे नीम के पेड़ को काटने से पहले पर्यावरणीय महत्व और संरक्षण की संभावनाओं पर विचार की मांग, अनुमति और प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की अपील

न्यूज़ विज़न। बक्सर
शहर के जहाज घाट निवासी संतोष कुमार इन दिनों पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनूठी मुहिम में जुटे हैं। जहाज घाट एवं आसपास के क्षेत्र में मौजूद एक विशाल और वर्षों पुराने हरे-भरे नीम के पेड़ को कटने से बचाने की मांग को लेकर संतोष कुमार अपनी नन्हीं धावक बेटी के साथ जिलाधिकारी के पास पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से पेड़ को बचाने की हरसंभव कोशिश करने के साथ-साथ इसे काटने की अनुमति और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
संतोष कुमार का कहना है कि जहाज घाट और उसके आसपास इतना विशाल, पुराना और हरा-भरा नीम का पेड़ दूसरा नजर नहीं आता। वर्षों से खड़ा यह पेड़ न सिर्फ क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी प्राकृतिक विरासत की तरह है। ऐसे में इसे काटने से पहले इसके पर्यावरणीय महत्व, उपयोगिता और संरक्षण की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वन विभाग की ओर से पेड़ काटने की अनुमति दी गई है, तो पेड़ काटने के दौरान विभाग का कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर मौजूद होना चाहिए या नहीं, यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है। वहीं, यदि पेड़ काटने की अनुमति जिलाधिकारी स्तर से दी गई है, तो उससे संबंधित आदेश, कारण और पूरी प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए।
संतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी वैधानिक प्रक्रिया से आपत्ति नहीं है। यदि पेड़ काटने की अनुमति नियमानुसार दी गई है, तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी और प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पेड़ काटने की अनुमति किन परिस्थितियों में और किस आधार पर दी गई। अपनी बेटी को साथ लेकर प्रशासन के समक्ष पहुंचे संतोष कुमार की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी देती है। उनका मानना है कि पेड़-पौधों की रक्षा केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को भी इसके लिए आगे आना चाहिए।
संतोष कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि नीम के इस हरे-भरे और विशाल पेड़ को बचाने की हरसंभव कोशिश की जाए तथा पेड़ काटने की अनुमति एवं संबंधित प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास की राह में प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।




