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सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त होगा रामरेखा घाट

न्यूज विजन। बक्सर
सिंगल यूजर प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से जारी है। जबकि, इसके उपयोग से स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। पॉलीथिन के उपयोग को कम करने के लिए नगर परिषद अच्छी पहल करने जा रही है। बक्सर के अति प्राचीन रामरेखा घाट को सिंगल यूज पॉलिथीन से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। घाट के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए नगर परिषद ने स्वच्छता को लेकर यह बड़ा कदम उठाया है। नगर परिषद के ईओ कुमार ऋत्विक ने इस संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी किया है।

 

घाट पर पसरे प्लास्टिक, पॉलीथिन के कारण धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रामरेखा घाट की पवित्रता प्रभावित हो रही है। बता दें कि रामरेखा घाट पर रोज हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। वहीं धार्मिक आयोजनों पर श्रद्धालुओं की और भीड़ बढ़ जाती है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान यहां गंगा किनारे रेखा खींची थी, इसलिए इसका नाम रामरेखा घाट पड़ा। श्रावण मास, कार्तिक पूर्णिमा और छठ जैसे पर्वों पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है। घाट पर पसरे पॉलीथिन और प्लास्टिक कचरा से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है।

 

नगर प्रशासन ने रामरेखा घाट को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए दो चरणों में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की विशेष टीम बनाई गई है। टीम घाट पर जाकर दुकानदारों, पुजारियों और श्रद्धालुओं से सीधे संवाद करेगी। पूरे शहर और घाट क्षेत्र में माइकिंग के जरिए भी लोगों को पॉलीथिन इस्तेमाल नहीं करने की अपील की जाएगी। पॉलीथिन की जगह कपड़े या जूट के थैले को अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।

 

जागरूकता अभियान के बाद दूसरा चरण शुरू होगा। दूसरे चरण में अगर कोई व्यक्ति या दुकानदार सिंगल यूज पॉलिथीन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया तो उस पर नगर परिषद नियमों के तहत कार्रवाई होगी और जुर्माना लगाएगी। नगर परिषद के ईओ कुमार ऋत्विक ने कहा कि रामरेखा घाट जिलेवासियों के लिए आस्था का केंद्र है। इसे स्वच्छ और पॉलिथीन मुक्त बनाना सिर्फ नगर प्रशासन का ही नहीं बल्कि नागरिक की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि रामरेखा घाट को प्लास्टिक मुक्त बनाने के निर्णय का स्वागत स्थानीय लोगों और पुरोहितों ने किया है।

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