गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा, चेतावनी बिंदु से महज 20 सेंटीमीटर दूर; निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
59.12 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर, दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी; नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक, प्रशासन ने लोगों को किया सतर्क


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की शाम छह बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.12 मीटर दर्ज किया गया। नदी के जलस्तर में फिलहाल करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।
बक्सर में गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर, जबकि खतरा निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। ऐसे में वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 20 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आने वाले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
तेजी से चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा पानी
गंगा के जलस्तर में यदि मौजूदा रफ्तार से वृद्धि जारी रहती है तो नदी चेतावनी बिंदु के और करीब पहुंच सकती है। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी किनारे बसे निचले इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित बाढ़ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और नदी किनारे रहने वाले लोग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे है और तत्काल बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। बावजूद इसके लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों द्वारा नदी के जलस्तर के साथ-साथ आसपास के निचले इलाकों की स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है।
नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक
बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। लोगों को नदी में जाने से बचने और नदी के आसपास अनावश्यक गतिविधियां नहीं करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे जाने से रोकने की अपील की गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखें और किसी भी स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लोगों को अफवाहों से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने को कहा गया है।
निचले इलाकों पर प्रशासन की विशेष नजर
गंगा का वर्तमान जलस्तर भले ही खतरा निशान से अभी काफी नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ता पानी चिंता का कारण बना हुआ है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से जलस्तर की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। नदी किनारे बसे निचले इलाकों की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। यदि आने वाले घंटों में जलस्तर बढ़ने की मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो गंगा जल्द ही चेतावनी बिंदु के बेहद करीब पहुंच सकती है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने, नदी के आसपास जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।





