बच्चों का मुंडन संस्कार कराने को लेकर रामरेखा घाट पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
मुंडन संस्कार व पूजा अर्चना कर माताओं ने बच्चों के दीर्घायु और स्वस्थ रहने की कामना की


न्यूज विजन। बक्सर
मुंडन संस्कार के लिए सोमवार को रामरेखा घाट पर श्रद्धालुओं का तांता अहले सुबह से ही लग गया। शुभ मुहूर्त के कारण भीड़ इतनी बढ़ी कि रामरेखा घाट मुख्य द्वार से गंगा घाट को जानेवाली रास्ते में काफी भीड़ हो गई थी। सड़क से लेकर रामरेखा घाट तक पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। ऐसे में घाट तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।
मुंडन संस्कार को लेकर जिले के अलावे पड़ोसी जिला भोजपुर, रोहतास, कैमूर एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती गाजीपुर जिले से भी लोग पहुंचे थे। यहां पहुंचने के तुरंत बाद श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाये तथा बच्चों का मुंडन कराकर उन्हें भी स्नान कराये। माताओं ने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा मइया की पूजा करने के बाद नाव पर सवार हो उस पार गये, जहां गंगा मइया की आराधना करने के बाद रामरेखा घाट पर लौटे। साथ आये सगे-संबंधियों के बीच प्रसाद का वितरण किया। इसके बाद घाट पर ही नाते-रिश्तेदारों के साथ भोजन ग्रहण किया।
भीड़ के कारण पंडितों व नाइयों के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा था। पुजारी लाला बाबा ने बताया कि संतान की सलामती के लिए मुंडन संस्कार कराने का रिवाज है। इस संस्कार की रस्म अदायगी से बच्चों का जीवन सुखी होता है। सोलह संस्कारों में मुंडन संस्कार का काफी महत्व होता है। सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी विद्याधर मिश्र ने बताया कि मुंडन संस्कार हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण संस्कार है। मुंडन संस्कार के माध्यम से माता-पिता अपने बच्चे के लिए दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं।





