चौपाल लगाकर खेतों में पराली नहीं जलाने के लिए किसानों को किया जाएगा जागरूक
जिले के 136 पंचायतों में चौपाल लगाकर किसानों को जागरूक करेंगे कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी


न्यूज विजन। बक्सर
जिले में रबी फसलों का कटनी का कार्य लगभग समाप्त हो चुका है। फसल कंपनी के बाद किसान खेतों में फसल अवशेष (पराली) जला देते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति कमजोर हो जाती है। वहीं इसका असर पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। जिला कृषि विभाग ने किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान, कानून अपराध तथा पराली प्रबंधन से होने वाले लाभ एवं कृषि विभाग द्वारा पराली प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्र पर मिलने वाले अनुदान के विषय में किसानों के मध्य जनजागरूकता अभियान चला रहा है।
जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि सभी ग्यारह प्रखंडों के 136 पंचायत में जागरूकता अभियान 2 मई तक चलेगा। किसानों को जागरूक करने के वास्ते हर पंचायत के लिए टीम बनाई गई है, जिसमें कृषि समन्वयक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक और किसान सलाहकारों को शामिल किया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि आवंटित पंचायतों में पराली जलाने से होने वाले नुकसान, कानूनन अपराध तथा पराली प्रबंधन से होने वाले लाभ एवं कृषि विभाग द्वारा पराली प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान के विषय में सुबह या संध्या काल में किसान गोष्ठी या चौपाल के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाना सुनिश्चित करेंगे।
जनजागरूकता अभियान से संबंधित किसान गोष्ठी या चौपाल में सभी संबंधित प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी भी भाग लेंगे। जागरूकता कार्यक्रम के सम्पूर्ण प्रभार में नोडल पदाधिकारी, फसल अवशेष प्रबंधक-सह-उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) जिला कृषि अभियंत्रण कार्यालय, बक्सर रहेंगी।





