बक्सर में दो दिवसीय किसान मेला-सह-फल, फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ, आधुनिक खेती की तकनीकों से रूबरू हुए किसान
जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी और डीडीसी निहारिका छवि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन, किसानों को उन्नत बीज, कृषि यंत्रों और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

न्यूज़ विज़न। बक्सर
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), बक्सर के तत्वावधान में बाजार समिति रोड स्थित संयुक्त कृषि भवन परिसर में दो दिवसीय किसान मेला-सह-फल, फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया है। मेले का मुख्य उद्देश्य जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, नवीनतम कृषि यंत्रों तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना है, ताकि किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकें।
मेले का औपचारिक उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी एवं उप विकास आयुक्त सह आत्मा की उपाध्यक्ष निहारिका छवि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह में जिले के कई गणमान्य अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, विभागीय पदाधिकारी तथा जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने कहा कि बिहार एक प्रमुख कृषि प्रधान प्रदेश है और यहां की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान समय में खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ नवीनतम तकनीकों को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसान मिट्टी की नमी, उसकी उर्वरता और पोषक तत्वों की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे फसलों की जरूरत के अनुसार उर्वरकों और जल संसाधनों का संतुलित उपयोग संभव होगा। परिणामस्वरूप खेती की लागत में कमी आएगी और किसानों की उत्पादकता एवं आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।
वहीं, जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी ने कहा कि किसान मेला जैसे आयोजन किसानों की दशा और दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस तरह के आयोजनों से किसानों को एक ही स्थान पर आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और कृषि से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त होती हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मेला परिसर में मौजूद कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से खुलकर अपनी खेती-बाड़ी से जुड़ी समस्याओं को साझा करें तथा उनके द्वारा बताए गए वैज्ञानिक समाधानों को अपनाकर खेती को और बेहतर बनाएं।
किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना मेले का उद्देश्य
जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने किसान मेले की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक किसानों को सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने किसानों को सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न प्रकार के अनुदान, उन्नत बीज वितरण, कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सहायता तथा तकनीकी सहयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की अपील की।
फल, फूल और सब्जियों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
किसान मेले के दौरान आयोजित फल, फूल एवं सब्जी प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे किसानों ने अपने खेतों में उत्पादित उत्कृष्ट किस्म के फल, फूल और सब्जियों का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में किसानों की मेहनत, आधुनिक कृषि पद्धतियों और बेहतर उत्पादन क्षमता की झलक देखने को मिली। प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे लोगों ने किसानों की उपज और उनके प्रयासों की सराहना की।
इसके अलावा मेले में विभिन्न कृषि विभागों एवं कृषि संस्थानों की ओर से आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचार, आधुनिक कृषि उपकरणों, उन्नत तकनीकों और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी जा रही है।
पहले दिन सैकड़ों किसानों ने लिया हिस्सा
दो दिवसीय किसान मेले के पहले दिन ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों किसान उत्साहपूर्वक पहुंचे। किसानों ने अलग-अलग स्टॉलों का निरीक्षण किया और कृषि विशेषज्ञों से खेती से संबंधित नई तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। आयोजन के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने, उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराने तथा कृषि उत्पादन और आय में वृद्धि के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।




