जी.डी. मिश्रा इंस्टीट्यूट में प्रतिभा सम्मान समारोह, मेधावी डीएलएड प्रशिक्षुओं को किया गया सम्मानित
डीएलएड सत्र 2024-26 के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम पर आयोजित हुआ भव्य समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां; निदेशक प्रदीप मिश्र ने कहा- शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माता होता है

न्यूज़ विज़न। बक्सर
जी.डी. मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, बक्सर में डीएलएड सत्र 2024-26 के प्रशिक्षुओं के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम एवं शैक्षणिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी प्रशिक्षुओं को सम्मानित कर उनकी मेहनत, लगन और शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की गई। समारोह का माहौल उत्साह, गरिमा, आत्मीयता और भावनात्मक जुड़ाव से सराबोर रहा। कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं, शिक्षकों एवं अतिथियों ने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक श्री प्रदीप मिश्र ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात शिक्षाविद् श्री अनादि किशोर प्रणामी उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके बाद प्रशिक्षुओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को आकर्षक और यादगार बना दिया। समारोह के दौरान डीएलएड प्रशिक्षु सुनीता, रागिनी, कंचन सहित अन्य प्रशिक्षुओं ने अपने प्रशिक्षण काल के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि संस्थान में प्रशिक्षण के दौरान उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आया है। साथ ही शिक्षण कौशल, आत्मविश्वास और व्यावसायिक दक्षताओं का विकास हुआ है। प्रशिक्षुओं ने अपने गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान से मिला मार्गदर्शन, अनुशासन और संस्कार उनके भावी शिक्षक जीवन की अमूल्य पूंजी साबित होंगे।
इस अवसर पर निदेशक एवं कार्यक्रम अध्यक्ष श्री प्रदीप मिश्र ने सभी उत्तीर्ण प्रशिक्षुओं को शुभाशीष देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संवाहक नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माता होता है। एक आदर्श शिक्षक की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, संस्कार और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण के माध्यम से शिक्षा जगत में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। संस्थान के प्राचार्य डॉ. जे.आर. चौधरी ने प्रशिक्षुओं की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को भविष्य में अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने और एक योग्य शिक्षक के रूप में समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। सरस्वती वंदना में अर्चना, ममता, लकी, प्रियंका, पूजा एवं नेहा सहित अन्य प्रशिक्षुओं ने भावपूर्ण प्रस्तुति दी। वहीं अंशु, रागिनी एवं पूजा द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत और छठ गीत ने उपस्थित अतिथियों एवं सभागार में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन प्रशिक्षु प्रीति कुमारी एवं डॉली कुमारी ने किया। अंत में सहायक प्राध्यापक श्री सुनील मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए निदेशक, मुख्य अतिथि, प्राचार्य, गणमान्य अतिथियों, शिक्षकगण, प्रशिक्षुओं एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर श्री मनोज त्रिगुण, श्री अरविन्द सिंह, श्री प्रकाश मिश्र, श्री निशान्त मिश्र एवं डॉ. अश्विनी कुमार मिश्र प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं पूर्ववर्ती प्रशिक्षुओं में अमित, रामनिवास, विकास, छाया, माधुरी एवं आशिफ इकबाल सहित अन्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह ने मेधावी प्रशिक्षुओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही गुरु-शिष्य परंपरा, कृतज्ञता, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा के महत्व को भी प्रदर्शित किया। यह आयोजन प्रशिक्षुओं के लिए नई ऊर्जा, प्रेरणा और भावी शिक्षक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ।




