सड़क हादसे में घायलों को मिलेगा ₹1.50 लाख तक का कैशलेस इलाज, बक्सर में 13 अस्पताल अधिकृत
‘गोल्डन आवर’ में इलाज शुरू कराने पर नहीं देना होगा कोई अग्रिम भुगतान, डीटीओ ने जिलेवासियों से की अपील—हादसे के तुरंत बाद घायल को अस्पताल पहुंचाएं और 112 पर दें सूचना

न्यूज़ विज़न। बक्सर
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा आर्थिक अभाव के कारण इलाज में होने वाली देरी को रोकने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री राहत योजना (पी.एम. राहत योजना) शुरू की गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद के बेहद महत्वपूर्ण समय यानी ‘गोल्डन आवर’ में घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर उसकी जान बचाना है।
जिला परिवहन पदाधिकारी, बक्सर प्रशांत रमनिया ने जिलेवासियों को योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत पंजीकृत एवं इस योजना के लिए अधिकृत अस्पतालों में अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा अधिकतम सात दिनों की अवधि तक मिल सकेगी। इसके लिए घायल व्यक्ति या उसके परिजनों को इलाज शुरू कराने के लिए किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं करना होगा।
दुर्घटना के तुरंत बाद शुरू होगी इलाज की प्रक्रिया
योजना के तहत सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को बिना किसी अनावश्यक देरी के अधिकृत अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। अस्पताल में मरीज को भर्ती कर तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा और TMS 2.0 पोर्टल पर ट्रीटमेंट आईडी बनाई जाएगी। इसके बाद पुलिस अधिकारी दुर्घटना, वाहन की संलिप्तता तथा पीड़ित की पहचान का सत्यापन करेंगे। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इलाज के लिए पैसे की व्यवस्था करने में लगने वाला समय जानलेवा साबित हो सकता है। कैशलेस उपचार की व्यवस्था से इस तरह की देरी को कम करने में मदद मिलेगी।
घायल की मदद करने वाले नेक राहगीरों को मिलेगा पुरस्कार
योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नेक राहगीरों को प्रोत्साहित करने के लिए 25 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि दिए जाने का भी प्रावधान है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि दुर्घटना के बाद घायल को देखकर आगे बढ़ने के बजाय मानवीय आधार पर उसकी मदद करें और उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। डीटीओ ने कहा कि दुर्घटना के बाद हर मिनट कीमती होता है। इसलिए आम नागरिक दुर्घटना की सूचना तत्काल 112 नंबर या पुलिस को दें और घायल व्यक्ति को नजदीकी अधिकृत अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें।
सिविल सर्जन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बक्सर जिले में कुल 13 सरकारी एवं निजी अस्पतालों को इस योजना के तहत कैशलेस उपचार के लिए अधिकृत किया गया है।
1. सदर अस्पताल, बक्सर
2. अनुमंडल अस्पताल, डुमरांव
3. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्रह्मपुर
4. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नावानगर
5. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिमरी
6. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजपुर
7. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चक्की
8. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, इटाढ़ी
9. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौगाईं
10. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, केसठ
11. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चौसा
12. दिव्यालोक चिकित्सा केंद्र, बक्सर — निजी अस्पताल
13. रेनेफोकेयर डायलिसिस प्राइवेट लिमिटेड, बक्सर — निजी अस्पताल
प्रशासन ने लोगों से की जागरूक रहने की अपील
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करना प्रत्येक नागरिक का मानवीय कर्तव्य है। दुर्घटना के बाद घायल को तत्काल नजदीकी अधिकृत अस्पताल पहुंचाने से प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की प्रक्रिया समय पर शुरू की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की भी अपील की है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में आम नागरिकों को योजना की जानकारी हो और वे बिना किसी आर्थिक चिंता के घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद कर सकें।
सुरक्षित यातायात के लिए इन नियमों का करें पालन
प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोगों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनें, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
संदेश स्पष्ट है—समय पर मदद, तत्काल इलाज और थोड़ी सी मानवीय संवेदना किसी घायल की जिंदगी बचा सकती है। सुरक्षित चलें, सुरक्षित रहें।




