नाना पाटेकर के निधन पर डाब ने जताया गहरा शोक, कहा—भारतीय सिनेमा का ध्रुव तारा हुआ लुप्त
अध्यक्ष सुरेश संगम बोले—‘क्रांतिवीर’ अब हमारे बीच नहीं रहा, उनका निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति; महासचिव हरिशंकर गुप्ता ने कहा—पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करती रहेगी उनकी विरासत

न्यूज विज़न। बक्सर
जिला आर्टिस्ट एसोसिएशन ऑफ बक्सर (डाब) के अध्यक्ष सुरेश संगम एवं महासचिव हरिशंकर गुप्ता ने प्रख्यात सिने कलाकार नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। डाब पदाधिकारियों ने उनके निधन को भारतीय सिनेमा और कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
डाब के अध्यक्ष सुरेश संगम ने कहा कि नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के ध्रुव तारा थे, जो अब लुप्त हो गया। उन्होंने कहा, “क्रांतिवीर अब हम लोगों के बीच नहीं रहा।” उन्होंने नाना पाटेकर को अत्यंत प्रतिभाशाली और बहुआयामी कलाकार बताते हुए कहा कि अपने सशक्त अभिनय और विशिष्ट संवाद-अदायगी के माध्यम से उन्होंने कला जगत में अपनी अलग और अमिट पहचान बनाई।
सुरेश संगम ने कहा कि नाना पाटेकर का अभिनय केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके किरदारों और संवादों ने दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ी। उनके निधन से फिल्म एवं कला जगत ने एक ऐसी प्रतिभा खो दी है, जिसकी भरपाई आसान नहीं है।
वहीं, डाब के महासचिव हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि नाना पाटेकर का पूरा जीवन कला के प्रति समर्पण और उत्कृष्ट अभिनय का उदाहरण रहा। उन्होंने अपने दमदार अभिनय से अनेक पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित किया। उनका निधन कलाकार समाज के लिए अत्यंत दुखद क्षण है।
उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की कला, अभिनय शैली और फिल्मों में निभाए गए यादगार किरदार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। उनकी अभिनय की विरासत सदैव स्मरणीय रहेगी।
डाब परिवार ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक-संतप्त परिजनों, प्रशंसकों और पूरे कला जगत को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।




