डुमरांव कोठी पहुंचे राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य रणधीर ओझा, प्राचीन शिव मंदिर व श्रीराम चरण पादुका के किए दर्शन
शिवांग विजय सिंह के आमंत्रण पर कोठी पहुंचे आचार्य श्री, कार्तिक मास में डुमरांव में भागवत कथा आयोजन की बनी संभावना


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले के प्रतिष्ठित एवं राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य रणधीर ओझा गुरुवार को डुमरांव महाराज के उत्तराधिकारी शिवांग विजय सिंह के विशेष आमंत्रण पर डुमरांव कोठी पहुंचे। कोठी परिसर में पहुंचने पर शिवांग विजय सिंह ने आचार्य श्री का भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कोठी परिसर का भ्रमण किया और यहां मौजूद ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।
आचार्य रणधीर ओझा ने कहा कि डुमरांव कोठी में आज भी राज परंपरा और इतिहास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण धार्मिक एवं आध्यात्मिक धरोहरें मौजूद हैं। कोठी परिसर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में उन्होंने भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना की। मंदिर के संबंध में शिवांग विजय सिंह ने आचार्य श्री को बताया कि यहां विराजमान भगवान शंकर स्वयं प्रकट हुए थे। स्थानीय श्रद्धालु इस मंदिर को श्रद्धा के साथ ‘जंगलिया बाबा’ के नाम से भी जानते हैं। आचार्य श्री ने कहा कि मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद उन्हें एक अलग तरह की शांति और आध्यात्मिक अनुभूति महसूस हुई। उन्होंने कहा कि प्राचीन धार्मिक स्थलों की अपनी विशिष्ट आध्यात्मिक ऊर्जा होती है, जो श्रद्धालुओं को सहज रूप से आकर्षित करती है।
वहीं, मंदिर के समीप भगवान श्रीराम की चरण पादुका के भी आचार्य रणधीर ओझा ने दर्शन किए। शिवांग विजय सिंह ने उन्हें इस चरण पादुका से जुड़ी स्थानीय परंपरा और मान्यता के बारे में जानकारी दी। मान्यता के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान श्रीराम यहां पधारे थे और कुछ समय विश्राम किया था। आचार्य श्री ने इस पवित्र धरोहर के दर्शन को अपने लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि डुमरांव की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे स्थान क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक पहचान को मजबूती प्रदान करते हैं। इस अवसर पर शिवांग विजय सिंह ने आचार्य रणधीर ओझा को डुमरांव में कार्तिक मास में भागवत कथा के आयोजन के लिए आमंत्रित किया। आचार्य श्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए कार्तिक मास में डुमरांव में भागवत कथा के संभावित आयोजन की बात कही। इससे श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है और आगामी आयोजन को लेकर धार्मिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।





