कामरेड सीताराम येचुरी की दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, लोकतांत्रिक एवं प्रगतिशील आंदोलन को मजबूत करने का संकल्प
मल्लाह टोली में आयोजित कार्यक्रम में सीपीएम नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, कहा—येचुरी का निधन लोकतांत्रिक और प्रगतिशील शक्तियों के लिए अपूरणीय क्षति


न्यूज़ विज़न। बक्सर
कामरेड सीताराम येचुरी की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर स्थानीय मल्हाह टोली में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सीपीएम नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके व्यक्तित्व, विचारों और देश के लोकतांत्रिक एवं प्रगतिशील आंदोलनों में उनके योगदान को याद किया गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सीपीएम के जिला सचिव परमहंस सिंह, सचिन मंडल सदस्य अरुण कुमार ओझा, धीरेंद्र चौधरी, मोतीलाल सिंह, छोटे चौधरी सहित अन्य नेताओं ने कहा कि कामरेड सीताराम येचुरी के अंदर विभिन्न विपक्षी ताकतों को समान लोकतांत्रिक मुद्दों पर एक साथ लाने की बेमिसाल काबिलियत थी। उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और जनहित के सवालों को प्राथमिकता देते हुए व्यापक एकजुटता की राजनीति को मजबूत करने का प्रयास किया।
वक्ताओं ने कहा कि कामरेड येचुरी का निधन ऐसे समय में हुआ, जब देश अपने इतिहास के एक बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में उनका जाना देश के लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष एवं प्रगतिशील आंदोलनों के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि येचुरी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में मेहनतकश जनता, किसानों, युवाओं और समाज के वंचित एवं शोषित तबकों के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि कामरेड सीताराम येचुरी केवल एक राजनीतिक नेता ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जन आंदोलनों के मजबूत पक्षधर थे। उनके विचारों और संघर्षों ने देश की राजनीति में व्यापक प्रभाव छोड़ा। उन्होंने विभिन्न विचारधाराओं एवं राजनीतिक शक्तियों के बीच संवाद और लोकतांत्रिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कामरेड सीताराम येचुरी के आदर्शों एवं उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। साथ ही लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष तथा प्रगतिशील शक्तियों को मजबूत बनाने के लिए लगातार संघर्ष करने की प्रतिबद्धता जताई गई। श्रद्धांजलि सभा में यह भी संकल्प लिया गया कि मेहनतकश आवाम, किसानों, युवाओं तथा समाज के अन्य शोषित एवं पीड़ित वर्गों के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं के लिए संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने कहा कि कामरेड येचुरी के विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को लोकतांत्रिक एवं जनपक्षीय राजनीति के लिए प्रेरणा देते रहेंगे। कार्यक्रम का समापन कामरेड सीताराम येचुरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अधूरे जनसंघर्षों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ किया गया।





