103 दिनों बाद खुला इटाढ़ी रेलवे 70 स्पेशल फाटक, आम लोगों को मिली बड़ी राहत
30 मई से बंद था फाटक, आरओबी धंसने के बाद धरना-प्रदर्शन और रेल चक्का जाम के बाद रेलवे ने खोली गुमटी


न्यूज़ विज़न। बक्सर
पिछले कई महीनों से बंद पड़ी इटाढ़ी रेलवे 70 स्पेशल फाटक शुक्रवार की दोपहर करीब 2 बजे आम लोगों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। गुमटी खुलते ही स्थानीय लोगों में राहत की भावना देखने को मिली। लंबे समय से बंद फाटक के कारण इटाढ़ी रोड और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
गौरतलब है कि पिछले 30 मई से इटाढ़ी रेलवे गुमटी 70 स्पेशल फाटक बंद था। इसके बाद 4 जून को करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से बने आरओबी के धंसने की घटना ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। आरओबी के क्षतिग्रस्त होने के बाद गुमटी बंद रहने से आसपास के लोगों को वैकल्पिक रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। गुमटी बंद होने की समस्या को लेकर जिले के तमाम जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और आम लोगों ने आवाज उठाई। समस्या को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। स्थानीय स्तर पर धरना-प्रदर्शन के साथ रेल चक्का जाम तक किया गया। आंदोलनकारियों ने रेलवे और प्रशासन से जल्द से जल्द गुमटी खोलने की मांग की थी।
गुमटी बंद रहने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों, पुलिस लाइन में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को हो रही थी। बच्चों को स्कूल आने-जाने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी, जबकि मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल तक पहुंचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं पुलिस लाइन में आने-जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों के लिए भी यह मार्ग काफी महत्वपूर्ण था। शुक्रवार की दोपहर जब 70 स्पेशल रेलवे गुमटी को आम लोगों के लिए खोल दिया गया तो क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से बंद रास्ते के खुलने से अब लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, आरओबी के धंसने की घटना के बाद उसकी मरम्मत और स्थायी समाधान का मुद्दा अभी भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। लोगों का कहना है कि आरओबी की समस्या का जल्द स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में आवागमन को लेकर ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। फिलहाल गुमटी खुलने से स्थानीय लोगों को तत्काल बड़ी राहत मिली है और लंबे समय से चल रही आवाजाही की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।





