सावन की अंतिम सोमवारी पर भगवा रंग में रंगा रामरेखा घाट, ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजा बक्सर
दोपहर से ही जल उठाने पहुंचे कांवरिए, शाम तक उमड़ा आस्था का सैलाब; करीब 40 किलोमीटर पैदल चलकर बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ धाम में करेंगे जलाभिषेक, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट


न्यूज़ विज़न। बक्सर
सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर रविवार को बक्सर का प्रसिद्ध रामरेखा घाट पूरी तरह भगवा रंग में रंगा नजर आया। दोपहर करीब दो बजे से ही मां गंगा से जल उठाने के लिए शिव भक्तों और कांवरियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो शाम चार बजे तक विशाल जनसैलाब में तब्दील हो गया। जैसे-जैसे शाम ढलती गई, रामरेखा घाट से लेकर शहर की मुख्य सड़कों तक चारों ओर केसरिया रंग दिखाई देने लगा। हर तरफ ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ की जय’ के जयघोष गूंजते रहे।
गंगा स्नान के बाद संकल्प लेकर शुरू की पैदल यात्रा
रामरेखा घाट पहुंचने वाले कांवरियों ने सबसे पहले मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद आचार्यों से संकल्प लेकर कांवरियों ने अपने-अपने गंतव्य की ओर पैदल यात्रा शुरू की। घाट पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही और देर शाम तक कांवरियों के जत्थे लगातार रवाना होते रहे।
बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ धाम के लिए रवाना हुआ कांवरियों का जत्था
अंतिम सोमवारी पर रामरेखा घाट से बड़ी संख्या में कांवरिए ब्रह्मपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। वहीं कई श्रद्धालु सोखा धाम, गुप्त धाम सहित जिले और आसपास के अन्य शिवालयों के लिए भी निकले। कांवरियों के जत्थों के शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने के दौरान पूरा बक्सर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। कांवरियों की यह यात्रा देर रात तक जारी रही। श्रद्धालु करीब 40 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे। कई जत्थों में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी पूरे उत्साह के साथ शामिल रहे।
रामरेखा घाट पर मेले जैसा माहौल, भगवा सामान की बढ़ी बिक्री
कांवरियों की भारी भीड़ के कारण रामरेखा घाट और आसपास के बाजारों में मेले जैसा माहौल बना रहा। दुकानों पर भगवा रंग के कपड़ों और कांवर से जुड़े सामानों की खूब बिक्री हुई। श्रद्धालु नए कांवर खरीदते नजर आए तो कई भक्त अपने पुराने कांवर को आकर्षक ढंग से सजाते दिखे। पिट्ठू बम झोला, गंगाजल रखने के लिए प्लास्टिक के पात्र, भगवा टी-शर्ट, हाफ पैंट सहित पूजा-पाठ और कांवर यात्रा से जुड़े अन्य सामानों की भी जमकर खरीदारी हुई। बारिश के मौसम को देखते हुए मोबाइल और अन्य सामान को सुरक्षित रखने के लिए वॉटरप्रूफ प्लास्टिक बैग की मांग भी काफी बढ़ी रही।
प्रशासन ने संभाली सुरक्षा की कमान, वाहनों के प्रवेश पर रोक
कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। रामरेखा घाट और वहां तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस जवानों की तैनाती की गई। इसके साथ ही मजिस्ट्रेट भी तैनात रहे, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस चौकी से रामरेखा घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर छोटे-बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इससे कांवरियों को पैदल आने-जाने में सुविधा मिली और भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने में प्रशासन को मदद मिली।
आस्था और उत्साह का दिखा अद्भुत संगम
सावन की अंतिम सोमवारी से एक दिन पहले रामरेखा घाट पर उमड़ी कांवरियों की भीड़ ने बक्सर की धार्मिक आस्था और शिव भक्ति की तस्वीर पेश कर दी। गंगा स्नान, पूजा-अर्चना, संकल्प और फिर कांवर लेकर पैदल यात्रा पर निकलते श्रद्धालुओं के कारण पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। देर रात तक शहर की सड़कों पर कांवरियों के जत्थों का आवागमन जारी रहा और चारों ओर महादेव के जयघोष सुनाई देते रहे।





