बिहार में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए बड़ा बदलाव: फॉलोअर्स के हिसाब से मिलेगा सरकारी विज्ञापन, वीडियो पर ₹1 लाख तक भुगतान
सरकार ने 2024 की सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली में किया संशोधन, फेसबुक-इंस्टाग्राम-यूट्यूब चैनलों के लिए नए प्रावधान लागू


न्यूज़ विज़न। बक्सर
बिहार सरकार के सूचना एवं जन-संपर्क विभाग ने सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली-2024 में संशोधन करते हुए वर्ष 2026 के लिए नई नियमावली जारी की है। अधिसूचना के अनुसार संशोधित नियमावली को बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026 कहा जाएगा और यह अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रभावी होगी। संशोधन में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सरकारी विज्ञापन और वीडियो के भुगतान से जुड़े प्रावधानों में किया गया है। नियमावली के नियम-8(vi) में पहले निर्धारित न्यूनतम 10 प्रतिशत व्यूज अर्जित होने संबंधी प्रावधान को नियम-11, 11(A) एवं 11(B) में वर्णित प्रावधानों के अनुसार प्रतिस्थापित किया गया है।
नियम-11 में वीडियो के प्रदर्शन और भुगतान से संबंधित राशि में भी बदलाव किया गया है। श्रेणी-A के लिए वीडियो के 30 दिन पूरे होने के बाद एक लाख से अधिक अतिरिक्त प्रत्येक एक लाख व्यूज पर 10 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि देय होगी। हालांकि, प्रति वीडियो अधिकतम भुगतान की सीमा एक लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं श्रेणी-B में वीडियो के 30 दिन पूरे होने के बाद 50 हजार से अधिक अतिरिक्त प्रत्येक 50 हजार व्यूज पर 10 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि देय होगी। इस श्रेणी में प्रति वीडियो अधिकतम भुगतान 90 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।
फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के लिए अलग न्यूनतम व्यूज
संशोधित नियमावली में नियम-11 एवं 11(A) की विवरणी में भी बदलाव किया गया है। भुगतान के लिए न्यूनतम अर्जित व्यूज से संबंधित कॉलम में फेसबुक अथवा इंस्टाग्राम अथवा यूट्यूब के लिए न्यूनतम अर्जित व्यूज की संख्या तथा अन्य भुगतान संबंधी प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है।
हर छह महीने में होगी फॉलोअर्स की जांच
सरकार ने एक नया महत्वपूर्ण प्रावधान नियम-14(A), 14(B) और 14(C) के रूप में जोड़ा है। इसके तहत सूचीबद्ध सोशल मीडिया हैंडल, पेज या चैनल के फॉलोअर्स की संख्या की जांच विभाग द्वारा प्रत्येक छह महीने में की जाएगी। निर्धारित मानकों के अनुसार यदि किसी सोशल मीडिया हैंडल, पेज या चैनल के फॉलोअर्स की संख्या कम पाई जाती है तो उसके संचालक, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट राइटर अथवा संबंधित एजेंसी/फर्म को फॉलोअर्स की संख्या के आधार पर नियमावली में निर्धारित श्रेणी के अनुसार ही विज्ञापन जारी किया जाएगा।
विशेष परिस्थिति में गैर-सूचीबद्ध इन्फ्लुएंसर को भी विज्ञापन
नए प्रावधान के तहत विशेष परिस्थितियों में विज्ञापन की उपयोगिता और कंटेंट की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए सूचना एवं जन-संपर्क विभाग किसी गैर-सूचीबद्ध प्रतिष्ठित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को भी उसके सब्सक्राइबर/फॉलोअर्स के आधार पर उपयुक्त श्रेणी में विज्ञापन दे सकेगा। इसके लिए विभागीय समिति की अनुशंसा और विभागीय अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव की स्वीकृति आवश्यक होगी। यह प्रावधान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विज्ञापनों के लिए भी लागू हो सकेगा। इसके अलावा नियमावली में किसी प्रावधान को लेकर अस्पष्टता अथवा संदेह की स्थिति में विभागीय मंत्री के अनुमोदन से स्पष्टीकरण किए जाने का भी प्रावधान जोड़ा गया है। बिहार सरकार के इस संशोधन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकारी विज्ञापन पाने वाले चैनलों, पेजों और इन्फ्लुएंसर्स के लिए फॉलोअर्स, व्यूज और कंटेंट की गुणवत्ता पहले की तुलना में और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।





