गंगा के बढ़ते जलस्तर से बक्सर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी
चेतावनी बिंदु से अभी 1.24 मीटर नीचे है गंगा का जलस्तर, निचले इलाकों में बढ़ी चिंता; प्रशासन ने नाव परिचालन पर लगाई रोक


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जिले में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार तेजी से वृद्धि होने के कारण नदी किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बुधवार की शाम तक गंगा के जलस्तर में करीब 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, गंगा किनारे रहने वाले ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार की शाम 6 बजे गंगा का जलस्तर 58.08 मीटर तक पहुंच गया था। इस समय नदी का जलस्तर करीब 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। यदि जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार आगे भी जारी रहती है तो आने वाले घंटों में गंगा किनारे के निचले क्षेत्रों में पानी का दबाव और बढ़ सकता है।
चेतावनी बिंदु से अभी 1.24 मीटर नीचे जलस्तर
विभागीय अधिकारियों के अनुसार बक्सर में गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर, जबकि खतरा निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। बुधवार की शाम 6 बजे गंगा का जलस्तर 58.08 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से करीब 1.24 मीटर नीचे है। हालांकि, जलस्तर में लगातार तेजी से हो रही वृद्धि ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को शाम 6 बजे तक भी गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 1 मीटर 24 सेंटीमीटर नीचे था, लेकिन इसके बाद नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी रही। ऐसे में आने वाले समय में जलस्तर किस गति से बढ़ता है, इस पर विभागीय अधिकारियों की विशेष नजर है।
निचले इलाकों में बढ़ी लोगों की चिंता
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर नदी के किनारे बसे निचले इलाकों पर पड़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीणों के बीच संभावित बाढ़ को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे है और तत्काल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है। बावजूद इसके जलस्तर में प्रति घंटे करीब 3 सेंटीमीटर की वृद्धि को देखते हुए आने वाले घंटों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नाव परिचालन पर प्रशासन ने लगाई रोक
गंगा में बढ़ते जलस्तर और संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। लोगों को नदी में जाने से बचने तथा नदी के आसपास अनावश्यक गतिविधियां नहीं करने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी की स्थिति पर नजर रखें और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग अलर्ट
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों द्वारा जलस्तर की नियमित जानकारी जुटाई जा रही है और नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यदि जलस्तर में वृद्धि की मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो चेतावनी बिंदु की ओर नदी तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में गंगा किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी के आसपास जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को भी अपने स्तर से आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।





