विज्ञान वरदान है, लेकिन इसके दुरुपयोग से बचना जरूरी : DSP गौरव पांडेय
सरस्वती विद्या मंदिर सिविल लाइंस में विद्यालय स्तरीय विज्ञान मेला आयोजित, 68 प्रतिभागियों ने प्रस्तुत किए विज्ञान, कंप्यूटर और गणित के मॉडल


न्यूज़ विज़न। बक्सर
नन्हे छात्र-छात्राओं में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने और उनके भीतर छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से विद्या भारती के विद्यालयों में प्रत्येक वर्ष विज्ञान मेले का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में बुधवार को नगर के सरस्वती विद्या मंदिर, सिविल लाइंस में विद्यालय स्तरीय विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। मेले में छात्र-छात्राओं ने विज्ञान, कंप्यूटर एवं गणित से जुड़े विभिन्न आकर्षक, उपयोगी एवं नवाचार आधारित मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
विज्ञान मेले के उद्घाटन के उपरांत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुमंडल आरक्षी उपाधीक्षक (DSP) गौरव पांडेय एवं निर्णायक मंडल के सदस्यों ने तुलसी जयंती के अवसर पर संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। अतिथियों के परिचय एवं सम्मान कार्यक्रम का संचालन आचार्या रंजू सिन्हा ने किया, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना विद्यालय के प्रधानाचार्य शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रस्तुत की।
विद्या मंदिर के संस्कारों से जीवन में मिलती है सफलता : DSP
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि DSP गौरव पांडेय ने भावुक अंदाज में अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, द्वारिकापुर में कक्षा आठवीं तक तथा सरस्वती विद्या मंदिर, सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) से कक्षा बारहवीं तक की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि विद्या मंदिर में मिलने वाली शिक्षा और संस्कार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं अनुशासन, संस्कार और ज्ञान के बल पर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने विज्ञान को मानव जीवन के लिए वरदान बताते हुए कहा कि विज्ञान ने जीवन को आसान बनाने के साथ विकास के नए रास्ते खोले हैं। लेकिन विज्ञान का गलत इस्तेमाल समाज के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए विद्यार्थियों एवं समाज को विज्ञान की उपयोगिता समझने के साथ-साथ इसके दुरुपयोग और नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए भी जागरूक रहना होगा।
निर्णायक मंडल ने मॉडलों का किया गहन अवलोकन
विज्ञान मेले में प्रस्तुत मॉडलों के मूल्यांकन के लिए गठित निर्णायक मंडल में विद्यालय के सचिव एवं एम.वी. महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. भरत कुमार चौबे, भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. सैकत नाथ सिंह, गणित संकाय के प्रोफेसर वीरेंद्र प्रसाद, कंप्यूटर संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. ओझा तथा व्याख्याता यथार्थ राज शामिल रहे। निर्णायक मंडल के सदस्यों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सभी मॉडलों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से उनके मॉडल से संबंधित प्रश्न पूछे और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सोच एवं नवाचार को समझने का प्रयास किया। साथ ही विद्यार्थियों को आगे भी इसी तरह नए प्रयोग करने और अपने ज्ञान को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।





