बी.एड. सत्र 2026–28 का हुआ भव्य शुभारंभ, प्रदीप मिश्रा ने कहा—शिक्षक बनने के लिए कौशल विकास भी जरूरी
जी. डी. मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज में नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं का हुआ स्वागत, शिक्षा के साथ तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर दिया जोर


न्यूज़ विज़न। बक्सर
जी. डी. मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज में बी.एड. सत्र 2026–28 का शुभारंभ गरिमामय समारोह के साथ किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए उन्हें शिक्षक प्रशिक्षण के साथ-साथ बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्थान के सचिव प्रदीप मिश्रा रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों के रूप में अनादि किशोर प्रणामी, दिलीप कुमार एवं फाउंडेशन स्कूल के प्राचार्य मनोज त्रिगुण उपस्थित रहे। अतिथियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, शिक्षक की भूमिका तथा कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षा के साथ कौशल विकास समय की जरूरत : प्रदीप मिश्रा
संस्थान के सचिव प्रदीप मिश्रा ने नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल विषय का ज्ञान शिक्षक के लिए पर्याप्त नहीं है। एक बेहतर शिक्षक बनने के लिए विषय-ज्ञान के साथ संप्रेषण क्षमता, तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता जैसे कौशलों का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अपने व्यक्तित्व एवं व्यवहारिक कौशल को भी विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बदलती शैक्षणिक व्यवस्था और तकनीकी दौर के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।
अनुशासन और निरंतर सीखने पर जोर
महाविद्यालय के प्राचार्य ने संस्थान की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं को संस्थान की शैक्षणिक परंपराओं से अवगत कराया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को अनुशासन, गुणवत्ता एवं निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार शिक्षक के रूप में स्वयं को तैयार करने की प्रक्रिया है। प्रशिक्षुओं को अध्ययन के साथ व्यवहारिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।
रोहित और सुनीता ने किया प्रभावशाली मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रशिक्षु रोहित एवं सुनीता ने प्रभावशाली ढंग से किया। दोनों ने कार्यक्रम को क्रमबद्ध एवं आकर्षक तरीके से संचालित करते हुए उपस्थित अतिथियों और प्रशिक्षुओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया। समारोह में संस्थान के संकाय सदस्य डॉ. अश्विनी कुमार, सुनील मिश्रा, अरविंद सिंह, कार्यालय अधीक्षक प्रकाश मिश्र, पुस्तकालय अध्यक्ष निशान्त मिश्र, प्रभाष प्रसाद, नितेश, पंकज, प्रतिमा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
अजय पाल ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक अजय पाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, प्राचार्य, संकाय सदस्यों, प्रशिक्षुओं एवं सहयोगी कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। बी.एड. सत्र 2026–28 के शुभारंभ समारोह ने नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। समारोह के माध्यम से प्रशिक्षुओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक कौशल विकसित कर भविष्य के जिम्मेदार एवं सक्षम शिक्षक बनने का संदेश दिया गया।
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